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Month: September 2015

पितृ-दोष के कारण और निदान के संबंध में स्थान की किवंदंती –

भारतीय सामाजिक परंपरा में जीव को अमर माना गया है… तथा मान्यता है कि जीवन में किए गए कर्मो के शुभ-अषुभ, नैतिक-अनैतिक तथा पाप-पुण्य के आधार पर संचित प्रारब्ध के अनुसार जीवन में सुख-दुख का सामना करना पड़ता है… हिंदु रिवाज है कि पूर्वजो के किसी प्रकार के अषुभ या…