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Month: August 2018

पितृ-दोष के कारण और उसके निवारण के ज्योतिषीय उपाय –

पितृ-दोष के कारण और उसके निवारण के ज्योतिषीय उपाय – भारतीय सामाजिक परंपरा में जीव को अमर माना गया है तथा मान्यता है कि जीवन में किए गए कर्मो के शुभ-अषुभ, नैतिक-अनैतिक तथा पाप-पुण्य के आधार पर संचित प्रारब्ध के अनुसार जीवन में सुख-दुख का सामना करना पड़ता है। हिंदु…

श्री कृष्ण जन्माष्टमी –

श्री कृष्ण जन्माष्टमी – भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि में भगवान विष्णु के आठवें अवतार के रूप में श्री विष्णु की सोलह कलाओं से पूर्ण अवतरित हुए थे। श्री कृष्ण का प्राकट्य आततायी कंस एवं संसार से अधर्म का नाष करने हेतु हुआ था। भविष्योत्तर पुराण में कृष्ण ने…

रोगों से लडने की शक्ति का

सूर्य कुण्डली में आरोग्य शक्ति व पिता के कारक ग्रह होते है, जब जन्म कुण्डली में सूर्य के दुष्प्रभाव प्राप्त हो रहे हों या फिर सूर्य राहू-केतू से पीडित हों तो सूर्य से संम्बधित उपाय करना लाभकारी रहता है….इन उपायों से रोगों से लडने की शक्ति का विकास होता है….विशेष…

असुरों के गुरू शुक्र ग्रह के अस्त होने पर विवाहादि कार्य क्यूं वर्जित किए जाते हैं ?

असुरों के गुरू शुक्र ग्रह के अस्त होने पर विवाहादि कार्य क्यूं वर्जित किए जाते हैं ? “यत्पिण्डे च ब्राह्मंडे” अर्थात जो कुछ भी इस भौतिक शरीर में मौजूद है, वही इस ब्राह्मंड में भी विधमान है। ये वाक्य कोई परिकल्पना नहीं है, अपितु एक शाश्वत सत्य है। वेद, पुराण…

हलषष्ठी व्रत

हिन्दु कैलेण्डर के अनुसार प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को यह व्रत किया जाता है. इस दिन भगवान कृष्ण के बडे़ भाई बलराम जी की जन्म हुआ था. इसे हर षष्ठ और ललही षष्ठ के नाम से भी जाना जाता है. हल और मूसल बलराम…

बढ़ते सामाजिक अपराध का ज्योतिष कारण !!!!!!!!

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज का एक सदस्य है और समाज के अन्य सदस्यों के प्रति प्रतिक्रिया करता है, जिसके फलस्वरूप समाज के सदस्य उसके प्रति प्रक्रिया करते हैं। यह प्रतिक्रया उस समय प्रकट होती है जब समूह के सदस्यों के जीवन मूल्य तथा आदर्ष ऊॅचे हों, उनमें…

नक्षत्र मेलापक के अष्टकूटों से विवाह मेलापक कितना सही ????????

ज्योतिष के बहुत से मिथको में एक मुझे अष्ट कूट भी लगते है जिसपर खुली बहस होनी चाहिए खासकर हम जब ज्योतिष को विज्ञान मानते हो तो फिर तर्क की कसौटी पर मान्यताओ को कसना चाहिएजहाँ पर १८ गन विवाह का न्यूनतम पैमाना हो वह २८ और ३२ गुणों में…

भयानक दुखदायी योग ??????

केमद्रुम योग!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!! वैदिक ज्योतिष के अनुसार कुंडली में बनने वाले विभिन्न प्रकार के अशुभ योगों में से केमद्रुम योग को बहुत अशुभ माना जाता है। केमद्रुम योग की प्रचलित परिभाषा के अनुसार किसी कुंडली में यदि किसी कुंडली में चन्द्रमा के अगले और पिछले दोनों ही घरों में कोई ग्रह…

ज्यों-ज्यों मन शांत होता जायेगा, त्यों-त्यों उसमें परमात्मा का सुख उभरता जायेगा

ज्यों-ज्यों मन शांत होता जायेगा, त्यों-त्यों उसमें परमात्मा का सुख उभरता जायेगा जन्म-मरण मन की चंचलता और आसक्ति का फल है। दुःख-क्लेश का मूल है, मन की चंचलता और आसक्ति। गीता में अर्जुन कहता है श्रीकृष्ण सेः चंचलं हि मनः कृष्ण प्रमाथि बलवद् दृढ़म्। तस्याहं निग्रहं मन्ये वायोरिव सुदुष्करम्।। ʹहे…

किस्मत खराब होने का ज्योतिष सच –

पुरूषार्थ का महत्व भाग्य से अधिक है साथ ही अधिकांष लोगो की मान्यता होती है कि भाग्य नाम की कोई चीज नहीं होती जितना कर्म किया जाता है उसी के अनुरूप फल मिलता है किंतु जीवन की कई अवस्थाओं पर नजर डाले तो भाग्य की धारणा से इंकार नहीं किया…

Marriage tips for Birth Number 1

marriage tips for Birth Number 1 (born on dates like 1, 10, 19, or 28 your No. Is 1.) 1. You are always predisposed to marriage and you are fond of your helpmate provided he is also of equal enthusiasm and has a love of beauty and of dress, at…

Which numbers can create problem in marriage ……

Which numbers can create problem in marriage …… In numerology, it is observed that the presence of numbers 8,3,6 and 9 in a birthdate indicates difficulties in getting married. In this case you have to arrive at the single digit in the date, the month and the year of birth….

अंकशास्त्र में सूर्य

ज्योतिष विद्याओं में अंक विद्या भी एक महत्वपूर्ण विद्या है.जिसके द्वारा हम थोडे समय में ही प्रश्न कर्ता के उत्तर दे सकते है.अंक विद्या में “१” का अंक सूर्य को प्राप्त हुआ है.जिस तारीख को आपका जन्म हुआ है,उन तारीखों में अगर आपकी जन्म तारीख १,१०,१९,२८, है तो आपका मूलांक…

नेम एंड फेम दिलाने वाली रेखा

हस्तरेखा ज्योतिष के अनुसार हथेली में एक विशेष रेखा ऐसी बताई गई है जो बता देती है कि कोई व्यक्ति नेम एंड फेम प्राप्त करेगा या नहीं। यदि आप भी जानना चाहते हैं कि आपको प्रसिद्धि मिलेगी या नहीं तो यहां दी गई खबर से जानिए आपके भविष्य से जुड़ी…

नकारात्मक विचार मन में क्यों आते हैं – कारण एवं उपाय

आधुनिक भागदौड़ के इस जीवन में प्रायः सभी व्यक्तियों को चिंता सताती रहती है। हर आयुवर्ग तथा हर प्रकार के क्षेत्र से संबंधित अपनी-अपनी चिंता होती हैं। चिंता को भले ही हम आज रोग ना माने किंतु इसके कारण कई प्रकार के लक्षण ऐसे दिखाई देते हैं जोकि सामान्य रोग…

सूर्योदय-सूर्यास्त और छठपूजा

..भगवान सूर्य के अर्घ्यदान की विशेष महत्ता है।संध्या काल में रक्त चंदनादि से युक्त लाल पुष्प, चावल आदि ताम्रमय पात्र (तांबे के पात्र में) जल भरकर प्रसन्न मन से सूर्य मंत्र का जाप करते हुए भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पुष्पांजलि देनी चाहिए। इस अर्घ्यदान से भगवान ‍सूर्य प्रसन्न होकर…

रंगों का उपयोग करने से भी वास्तुदोष निदान संभव ??????????

प्रश्न: क्या विभिन्न प्रकार के रंगों का उपयोग करने से भी वास्तुदोष दूर होते है? बिलकुल नहीं! पिछले कुछ वर्षों से कई वास्तुविद् विभिन्न दिशाओं के दोषों को दूर करने के लिए ज्योतिष के आधार पर दिशाओं के स्वामी के प्रतिनिधित्व रंग के अनुसार लाल, पीले, हरे, इत्यादि रंगों का…

Farmer and his daughter- short story

There is one farmer he had to borrow some money from the money lender. The money lender was very cunning person he had a close watch on the daughter beautiful daughter.Then he place a deal infront of a farmer. The deal was that “if farmer’s daughter get married to the…

शनि का असर- प्रेम विवाह का होना

सृष्टि के आरंभ से ही नर और नारी में परस्पर आकर्षण विद्यमान रहा है, जिसे प्राचीन काल में गंर्धव विवाह के रूप में मान्यता प्राप्त थी। आज के आधुनिक काल में इसे ही प्रेम विवाह का रूप माना जा सकता है। इस विवाह में वर-वधु की पारस्परिक सहमति के अतिरिक्त…

तुलसी विवाह

::::::तुलसी विवाह::::: तुलसी विवाह से सं‍बंधित महत्वपूर्ण बातें जानिए देवउठनी एकादशी पर होता है तुलसी विवाह ! सनातन धर्म में धार्मिक कार्यों का आधार धर्मशास्त्र एवं ज्योतिष की कालगणना दोनों ही हैं। शास्त्रों में कहा है देवताओं का दिन मानव के छह महीने के बराबर होता है और रात्रि छह…

सौर तूफ़ान और समाज की उग्रता

सौर तूफ़ान का मतलब है सूर्य की ओर से बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलना जिससे अणु, आयन, इलेक्ट्रॉन के बादल अंतरिक्ष में छूटते हैं और कुछ ही घंटे में पृथ्वी की विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र में टकरा सकते हैं. इस पत्रिका में छपे लेख में संभावना जताई गई है कि…

तांबे की तार या रत्न गाड़ने से वास्तुदोष दूर हो जाते है??????????

तांबे की तार या रत्न गाड़ने से वास्तुदोष दूर हो जाते है?????????? बिलकुल नहीं! पिछले कुछ वर्षों से कुछ वास्तुविद् प्लाट के दोषपूर्ण बढ़ाव से उत्पन्न होने वाले कुप्रभाव को समाप्त करने के लिए जमीन में तांबे की तार गड़वाते है तो कुछ प्लाट की ऊर्जा बढ़ाने के लिए चारों…

क्या श्रीयंत्र के द्वारा वास्तुदोषों से राहत पाई जा सकती है?????????

क्या श्रीयंत्र के द्वारा वास्तुदोषों से राहत पाई जा सकती है? बिलकुल नहीं! श्रीयंत्र चाहे सिद्ध किया हो या सिद्ध न किया हो, तो भी धार्मिक आस्था में उसका एक महत्वपूर्ण स्थान है। यह श्रीयंत्र स्फटिक के हो या अन्य धातु का, पर वास्तुशास्त्र के अनुसार वास्तु दोष निवारण में…

तनाव से प्रभावित व्यवसायिक सफलता –

आज की आधुनिक जीवनषैली में तनाव का होना लाजिमी है। सुबह उठने से लेकर रात के अंतिम प्रहर तक कोई ना कोई बात या कार्य या व्यवहार तनाव का कारण बनता ही है। किंतु कई बार व्यक्ति तनाव के कारण इतना ज्यादा परेषान हो जाता है कि इस तनाव का…

आपके विवाह के योग कब बनेगा जाने कुंडली विश्लेषण द्वारा

किसी जातक का सामान्य प्रष्न होता है कि उसका विवाह कब होगा। इसकी जानकारी के लिए उस जातक की राषि में सप्तमेष जिस ग्रह में स्थित होता है उसके स्वामी या नवांष में जिस राषि में सप्तमेष स्थित है उसके स्वामी के दषाकाल में शादी का योग बनता है। कारक…

आप क्यों चिंतित या तनाव में रहते हैं

आधुनिक भागदौड़ के इस जीवन में प्रायः सभी व्यक्तियों को चिंता सताती रहती है। हर आयुवर्ग तथा हर प्रकार के क्षेत्र से संबंधित अपनी-अपनी चिंता होती हैं। चिंता को भले ही हम आज रोग ना माने किंतु इसके कारण कई प्रकार के लक्षण ऐसे दिखाई देते हैं जोकि सामान्य रोग…

तनाव से उत्पन्न मोटापा

तनाव मनःस्थिति से उपजा विकार है। मनःस्थिति एवं परिस्थिति के बीच असंतुलन एवं असामंजस्य उत्पन्न होने के कारण तनाव पैदा होता है। तनाव के कारण मन पर गहरी दरार पड़ती है, जिससे कई प्रकार के मनोविकार दिखाई देते हैं, जिसके कारण मन अषांत होना, अस्वस्थता महसूस होने के साथ कई…

परीक्षा के डर से उत्पन्न तनाव

परीक्षा के समय ज्यादा से ज्यादा अंक लाने की होड़, साथी बच्चों से तुलना, लक्ष्य का पूर्व निर्धारित कर उसके अनुरूप प्रदर्षन तथा इसी प्रकार के कई कारण से परीक्षा के पहले बच्चों के मन में तनाव का कारण बनता है। परीक्षा में अच्छे अंक की प्राप्ति के लिए किया…

शुक्र की दषा का फल – सुख तथा समृद्धि का प्रारंभ –

  ज्योतिषिय विज्ञान में व्यक्ति को सुख तथा समृद्धि प्रदान कर्ता ग्रह शुक्र को माना जाता है। यदि किसी जातक की कुंडली में शुक्र क्रूर स्थान पर हो तो उसे शुक्र की दषा में विषेष लाभ प्राप्त होता है किंतु यदि शुक्र राहु या सूर्य से आक्रांत हो तो उसके…