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Month: October 2018

सफला एकादशी –

सफला एकादषी का व्रत पौष माह की कृष्णपक्ष की एकादषी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा का विधान है। एकादषी का व्रत रखने वाले दषमी के सूर्यास्त से भोजन नहीं करते। एकादषी के दिन ब्रम्हबेला में भगवान कृष्ण की पुष्प, जल, धूप, अक्षत से पूजा की…

परीक्षा परिणाम में मनचाहा परिणाम पाने हेतु ज्योतिष उपाय

हर माता-पिता की एक ही कामना होती है कि उसके बच्चे उच्च षिक्षा ग्रहण करें, हर परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करें। इसके लिए वे हर प्रकार से प्रयास करते हैं साथ ही हर वह उपाय करते हैं, जिससे उनकी मनोकामना पूरी हो किंतु हर संभव प्रयास करने के उपरांत…

आकस्मिक निवेष का ज्योतिषीय परिप्रेक्ष्य –

वर्तमान युग में जल्दी अमीर बनने तथा समृद्धि पाने की चाह कई व्यक्ति को होती है, इसके लिए कई बार व्यक्ति लाटरी, शेयर या स्टाॅक से संबंधित क्षेत्र में धन लाभ हेतु प्रयास करता है किंतु कई बार दूसरों की देखादेखी यह प्रयास उसके लिए हानिकारक साबित होता है। जहाॅ…

कालसर्प दोष की भ्रांति और ज्योतिषीय यर्थाथ –

ज्योतिषीय आधार पर कालसर्प दो शब्दों से मिलकर बना है ‘‘काल’’ और ‘‘सर्प’’ । काल का अर्थ समय और सर्प का अर्थ सांप अर्थात् समय रूपी सांप। ज्योतिषीय मान्यता है कि जब सभी ग्रह राहु एवं केतु के मध्य आ जाते हैं या एक ओर हो जाते हैं तो कालसर्प…

आपकी आय और आपकी कुंडली में योग –

किसी जातक का आजीविका का साधन क्या हो सकता है। यह उसकी कुंडली से जाना जा सकता है। कई बार देखने में आता है कि जातक की षिक्षा किसी क्षेत्र में होती है और उसकी नौकरी का क्षेत्र उस षिक्षा से बिल्कुल भी विपरीत क्षेत्र में होता है। इस सबका…

 करवा चौथ व्रत

 करवा चौथ व्रत – पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है व्रत – संकल्प शक्ति का प्रतीक है करवा चौथ व्रत – अखंड सौभाग्य की कामना का व्रत है करवा चौथ – कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है व्रत ————————————————————-  पूजन सामग्री…

रिश्तों में मधुरता बढ़ाने का ज्योतिषीय उपाय

ग्रह, नक्षत्र हमारे आपसी रिष्तों पर अपना पूरा प्रभाव डालते हैं। इस संबंध में ज्योतिषषास्त्र में पर्याप्त जानकारी प्राप्त होती है। कुंडली में प्रत्येक ग्रह से कोई ना कोई रिष्ता जुड़ा होता है तथा प्रत्येक भाव से रिष्तेदारो की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सूर्य से जहाॅ…

हिंदू संस्कृति में प्रचलित प्रमुख संस्कार –

सनातन हिंदू धर्म बहुत सारे संस्कारों पर आधारित है, जिसके द्वारा हमारे विद्धान ऋषि-मुनियों ने मनुष्य जीवन को पवित्र और मर्यादित बनाने का प्रयास किया था। ये संस्कार ना केवल जीवन में विषेष महत्व रखते हैं बल्कि इन संस्कारों का वैज्ञानिक महत्व भी सर्वसिद्ध है। गौतम स्मृति में कुल चालीस…

वास्तु शास्त्र में ‘क्यों’ और ‘कैसे’ ??????

वास्तु’ का सहज शाब्दिक अर्थ एक ऐसे आवास से है जहां के रहवासी सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध हों। इसीलिए वास्तु विज्ञान में हमारे पूर्वजों ने अपने दिव्य ज्ञान से ऐसे अनेक तथ्यों को शामिल किया है जो कि किसी भी भवन के रहवासियों को शांतिपूर्वक रहने में परम सहायक होते…

वास्तु में भवन वेध

भवन वेधः मकान से ऊँची चारदीवारी होना भवन वेध कहलाता है। जेलों के अतिरिक्त यह अक्सर नहीं होता है। यह आर्थिक विकास में बाधक है। दो मकानों का संयुक्त प्रवेश द्वार नहीं होना चाहिए। वह एक मकान के लिए अमंगलकारी बन जाता है। मुख्यद्वार के सामने कोई पुराना खंडहर आदि…

मूलांक से जानिए अपना कार्य क्षेत्र

मूलांक से जानिए अपना कार्य क्षेत्र अंक 1-इस अंक वालों का प्रधान ग्रह सूर्य होता है, इसलिए ये लोग अनाज, सोना, मोती, का व्यापार कर सकते हैं। साथ ही सरकारी क्षेत्र में अपना करियर बना सकते है। इन्हें अवैधानिक या गैरकानूनी बिजनेस नहीं करना चाहिए। इसमें इन्हें हानि होने की…

वारक्रम की वैज्ञानिक धारणा –

सात वारों की गणना या नाम की जो पद्धति वेदों में निर्धारित की गई है, उसका वैज्ञानिक महत्व और मान्यता आज भी बरकरार है। संसार में पुरूष और प्रकृति के नाते प्रत्येक वस्तु को दो भागों में विभक्त किया गया है। प्रत्येक वर्ष को उत्तरायण और दक्षिणायन इन दो भागों…

आय में बाधा का कारण और बेहतर करने ज्योतिष उपाय –

आज के भौतिक युग में प्रत्येक व्यक्ति की एक ही मनोकामना होती है की उसकी आर्थिक स्थिति सुदृढ रहें तथा जीवन में हर संभव सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती रहे। किसी व्यक्ति के पास कितनी धन संपत्ति होगी तथा उसकी आर्थिक स्थिति तथा आय का योग तथा नियमित साधन कितना तथा…

कुंडली से जाने विवाह समय –

किसी जातक का सामान्य प्रष्न होता है कि उसका विवाह कब होगा। इसकी जानकारी के लिए उस जातक की राषि में सप्तमेष जिस ग्रह में स्थित होता है उसके स्वामी या नवांष में जिस राषि में सप्तमेष स्थित है उसके स्वामी के दषाकाल में शादी का योग बनता है। कारक…

दरिद्रता एक अभिशाप है……..

क्या आप भी कष्ट से जीवन-यापन कर रहे हैं?????????? जीवन में धन की कमी या निर्धनता को दरिद्रता कहते हैं। यह एक ऐसा दोष है, जो न केवल मानव जीवन में पग-पग पर कठिनाइयां पैदा करता है, बल्कि यह व्यक्तित्व एवं व्यक्ति की छवि को विकृत भी कर देता है।…

क्रोधी, हठी स्वभाव के तथा बहादुर होते हैं मूलांक ९ वाले …

क्रोधी, हठी स्वभाव के तथा बहादुर होते हैं मूलांक ९ वाले … क्या आपका भी मूलांक ९ है ?????????????? मूलांक ९ के जातक बहुत ही बुद्घिमान एवं पढ़ाई में होशियार होते हैं। अपनी बुद्घि से यह काफी तरक्की करते हैं, भाग्य भी इनका हमेशा साथ देता है। यह लीक पर…

स्वयं जानिए अपने शुभ एवं अशुभ अंकों को

अंक हमारे जीवन से जुड़े कुछ ऐसे विशेषण हैं जो न केवल हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं बल्कि एक भविष्य से जुड़ी पूर्व सूचना भी देते हैं । अंक ज्योतिष (Numerology) से भविष्य को बड़ी ही सरलता से समझा जा सकता है । अंक ज्योतिष एक ऐसा विषय है…

कौन सा है आपका मित्र मूलांक ???जानें ………

हम सभी सामाजिक प्राणी हैं .जब भी हमारे जीवन में कुछ अच्छा या बुरा घटित होता है तो हम उन अनुभवों को किसी के साथ बांटना चाहते हैं .हमें समाज की, किसी ऐसे मित्र की तलाश रहती है जिसके साथ हम अपने विचार बाँट सके. एक मित्र न केवल हमें…

मौलिक विचारो के कारण उर्वर मस्तिष्क के होते हैं मूलांक ७ वाले

मूलांक सात का स्वामी ग्रह केतु है. और इस कारण मूलांक 7 के जातक केतु ग्रह से प्रभावित रहते हैं यह जातक जल की भांति सभी स्थिति से समझौता करने वाले होते हैं यह शांत स्वभाव के होते हैं. केतु के प्रभाव के कारण इनके स्वभाव में रहस्यात्मकता का भाव…

Life partner for birth Number 9

Life partner for birth Number 9 (born on dates like 9, 18, 27, your No. Is 9.) 1.As you are born with No. 9, you will tolerate and adjust with those born with No. 3. They will meticulously help you in all your plans and projects. They will work for…

Life partner for birth Number 6

Life partner for birth Number 6 (born on dates like 6, 15, 24, your No. Is 6.) 1. You have a natural attraction towards those born in the period between 21st August and 20th September and between December 21st and January 20th. It is therefore advisable that you choose your…

किस प्रकार दूर कर सकते हैं उत्तर पश्चिम के दोषों को

वायव्य कोण परवायु देव का पूर्ण अधिकार है | इस स्थान का सीधा सम्बन्ध घर में भूतल पर वायु व जल से प्रभाव से है | इसलिए घर में जल भण्डारण हेतु सभी टंकियां इस स्थान पर रखने का निर्देश प्राप्त होता है | उसके आलावा यह स्थान मेहमानों का…

वास्तु में फव्वारा

आपने बड़े भवन, होटल, कमर्शियल कॉम्पलेक्स आदि में अक्सर फाउंटेन लगे देखे होंगे। दरअसल जल संबंधी दोष दूर करने के लिए जलाशय या फव्वारा लगाया जाता है। जल जीवन का प्रतीक है इसलिए यह शुभ होता है, लेकिन यदि जल स्थान और घर का ढलान गलत दिशा में बना है…

किन कारणों से होती है इशान दिशा दोषपूर्ण????

1. ईशान दिशा में शौचालय होना अनिष्ठ माना जाता है. जो संतति और समृध्दि को नष्ट कर देता है साथ ही विचारों में वैमनस्य देता है 2. उत्तर और ईशान तरफ़ कम जगह छोडकर या उसकी सरहद से भवन का निर्माण काम करने में आया होतो यह गृहिणी के स्वास्थ्य…

Marriage tips for Birth Number 4

Marriage tips for Birth Number 4 (born on dates like 4, 13, 22, or 31 your No. Is 4.) 1. You have a natural attraction towards persons born in the period between 19th February and 20th March and between 21st October and 20th November. It is, therefore, advisable that you…

प्रश्न और ज्योतिष

जीवन के रहस्य को सुलझाने के लिये प्राचीन काल से ही ऋषि मुनि तपस्वी साधु सन्त अपने अपने मत से जीवन के प्रकार को समझने और समझाने की कोशिश करते आये है.इन कोशिशो मे कई प्रकार के साधन प्रयोग मे लाये जाते रहे है और किसी भी साधन का प्रयोग…

चंद्रोदय- मीन राशि में चंद्रमा का उदय और मानसिक अशांति का कारक-

आधुनिक भागदौड़ के इस जीवन में प्रायः सभी व्यक्तियों को चिंता सताती रहती है। हर आयुवर्ग तथा हर प्रकार के क्षेत्र से संबंधित अपनी-अपनी चिंता होती हैं। चिंता को भले ही हम आज रोग ना माने किंतु इसके कारण कई प्रकार के लक्षण ऐसे दिखाई देते हैं जोकि सामान्य रोग…

निःसंतान दम्पति अपनाये ये वास्तु नियम

संसार के हर स्त्री-पुरुष की विवाह के बाद पहली कामना संतान प्राप्त करने की रहती है परन्तु कई बार देखने में यह आता है कि पति-पत्नी शारीरिक एवं मानसिक रूप से पूर्ण स्वस्थ्य रहने के बाद भी निःसंतान ही रह जाते हैं। किसी भी दंपत्ति के निःसंतान रहने में भाग्य…

पति-पत्नी के मध्य प्रेम

ऐसा क्या करें कि पति-पत्नी के बीच अहंकार की जगह प्रेम……….., प्रतियोगिता के स्थान पर सानिध्य मिले…………. आज के भौतिक संसार में मनुष्य अध्यात्म को छोड़कर भौतिक सुखों के पीछे भाग रहा है। समय के अभाव ने उसे रिश्तों के प्रति उदासीन बना दिया है। परन्तु आज भी मनुष्य अपने…