Archive

Month: December 2018

गृह मंदिर में पूजा का विधान …….

गृह मंदिर में पूजा का विधान ……. * देवालय मंदिर या गुंबद के आकार का न बनाकर ऊपर से चपटा बनवाएँ। * देवालय जहाँ तक हो सके ईशान कोण में रखें। यदि ईशान न मिले तो पूर्व या पश्चिम में स्थापित करें। * देवालय में कुल देवता, देवी, अन्नपूर्णा, गणपति,…

जाने नेतृत्व क्षमता हाथों की रेखाओं से

हमारे आस-पास के सभी लोगों की पसंद-नापसंद एक-दूसरे से भिन्न होती हैं। आमतौर पर अन्य लोगों के स्वभाव को जानने, समझने की जिज्ञासा सभी में रहती हैं, हम जानना चाहते हैं कि हमारे आस-पास के रहने वाले लोगों का व्यवहार कैसा है? उनकी सोच क्या है? किसी भी व्यक्ति की…

ऑफिस में रखें इन बातो का ध्यान

1. दरवाजे की ओर पीठ करके कभी न बैंठें। 2. बीम के नीचे न तो कभी बैठें और न ही काम करें। 3. अपने केबिन के दक्षिण-पश्चिम कोने में बैठे और मुख उत्तर अथवा पूर्व दिशा में रहें। 4. अपने कक्ष/केबिन का दक्षिण-पश्चिम कोना कभी भी रिक्त न रहने दें।…

नाले में नहाओ भूत-प्रेत भगाओ

घुटी-घुटी चीखें, हर तरफ सिसकियों की आवाज, रोना-कलपना, चीखना-चिल्लाना। यह भयावह मंजर है जावरा की हुसैन टैकरी का। इस टेकरी के बारे में हमने काफी कुछ सुन रखा था। सोचा, क्यों न सबसे पहले जायजा लिया जाए इस टेकरी का, जहां भूत-प्रेत भगाने के नाम पर लोगों से नाना प्रकार…

नक्षत्र से जाने आप का दिन शुभ होगा या अशुभ

नक्षत्र संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ है न क्षरति न सरति इति नक्षत्रः अर्थात् न हिलने वाला न चलने वाला, जो स्थिर हों, ग्रहों एवं नक्षत्रों में यहीं प्रमुख भेद है कि ग्रह तो भ्रमणषील हैं किंतु नक्षत्र स्थिर। भारतीय ज्योतिष में राषि-पथ एक स्थिर नक्षत्र से प्रारंभ होता…

कर्ज से मुक्ति का ज्योतिषीय उपाय

वर्तमान दौर में व्यक्ति को कर्ज लेना ना केवल आवष्यक बल्कि मजबूरी भी है। आज के आधुनिक दौर में सभी आवष्यक कार्यो हेतु कर्ज लेना पड़ता फिर वह बच्चों की षिक्षा विवाह के लिए हो या मकान वाहन के लिए। हर अहम परिस्थिति में कर्ज लेना जरूरी हो गया है।…

कर्म और प्रारब्ध का स्थान ज्योतिष रूप –

पुरूषार्थ का महत्व भाग्य से अधिक है साथ ही अधिकांष लोगो की मान्यता होती है कि भाग्य नाम की कोई चीज नहीं होती जितना कर्म किया जाता है उसी के अनुरूप फल मिलता है किंतु जीवन की कई अवस्थाओं पर नजर डाले तो भाग्य की धारणा से इंकार नहीं किया…

मासशिवरात्रि व्रत

मासषिव रात्रि व्रत कृष्णपक्ष की चतुर्दषी को किया जाता है। इस दिन एक दिन पूर्व भोजन कर दिनभर निराहार रहकर पत्रपुष्प तथा सुंदर वस्त्रों से मंडल तैयार करके वेदी पर कलष की स्थापना कर गौरी शंकर की स्वर्णमूर्ति तथा नंदी की चाॅदी की मूर्ति रखकर अथवा सामान्य रूप से उपयोग…