Astrology
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Month: January 2019

विवाद का कारण और निवारण

महत्वाकांक्षा ही व्यक्ति से नैतिक-अनैतिक, वैधानिक-अवैधानिक, सामाजिक-असाजिक कार्य कराती है साथ ही किसी विषय पर विवाद, कोई गुनाह, संपत्ति से संबंधित झगड़े इत्यादि का होना आपकी कुंडली में स्पष्ट परिलक्षित होता है। अगर इस प्रकार के कोई प्रकरण न्यायालय तक पहुॅच जाए तो उसमें जय प्राप्त होगी या पराजय का…

ग्रह दषाओं के अनुकूल फल प्राप्ति का स्वरूप

प्रत्येक ग्रह कुछ विकिरण बल या शक्तिबल का केंद्र होता है। ग्रहों के इस विकिरण का संसार के सभी जीवों द्वारा अपनी क्षमता के अनुपात में ग्रहण किया जाता है। उन पर ग्रहों के बल का प्रभाव पड़ेगा जरूर पर कितना पड़ता है यह उनकी अपनी ग्रह स्थिति पर निर्भर…

जीवन में साकारत्मक उर्जा बढ़ाने के उपाय –

यजुर्वेद तथा भगवदगीता के अनुसार हमारा व्यवहार, विचार, भोजन और जीवनषैली तीन चीजों पर आधारित होती है वह है सत्व, तमस और राजस। सात्विक विचारों वाला व्यक्ति निष्चित स्वभाव का होता है जोकि उसे सृजनषील बनाता है वहीं राजसी विचारों वाला व्यक्ति महत्वाकांक्षी होता है जोकि स्वभाव में लालच भी…

योजनाबद्ध कार्य में महत्वपूर्ण कारक ज्योतिषीय गणना

किसी भी जातक के जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अलावा उसके ग्रह दषाओं के अनुरूप उसका व्यवहार तथा निर्धारित होता है, जिसके कारण कुंडली के विष्लेषण के समय उस जातक के ग्रह दषाओं का असर उसके जीवन मे महत्वपूर्ण होता है। चूॅकि इंसान के जीवन में ग्रहो का…

पढ़ाई में परेशानी दूर करने का ज्योतिषीय निदान

स्कूल षिक्षा तक बहुत अच्छा प्रदर्षन करने वाला अचानक अपने एजुकेषन में गिरावट ले आता है तथा इससे कैरियर में तो प्रभाव पड़ता ही है साथ ही मनोबल भी प्रभावित होता हैं अतः यदि आपके भी उच्च षिक्षा या कैरियर बनाने की उम्र में पढ़ाई प्रभावित हो रही हो या…

रिष्तों में प्यार बढ़ाने का ज्योतिषीय उपाय –

ग्रह, नक्षत्र हमारे आपसी रिष्तों पर अपना पूरा प्रभाव डालते हैं। इस संबंध में ज्योतिषषास्त्र में पर्याप्त जानकारी प्राप्त होती है। कुंडली में प्रत्येक ग्रह से कोई ना कोई रिष्ता जुड़ा होता है तथा प्रत्येक भाव से रिष्तेदारो की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सूर्य से जहाॅ…

परीक्षा का तनाव -कारण और निवारण

परीक्षा के समय ज्यादा से ज्यादा अंक लाने की होड़, साथी बच्चों से तुलना, लक्ष्य का पूर्व निर्धारित कर उसके अनुरूप प्रदर्षन तथा इसी प्रकार के कई कारण से परीक्षा के पहले बच्चों के मन में तनाव का कारण बनता है। परीक्षा में अच्छे अंक की प्राप्ति के लिए किया…

शाकंभरी पूर्णिमा

पौष शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को प्रदोषव्यापिनी उत्सव विधान से मनाने का आदि काल से महत्व है। पूर्णिमा का व्रत गृहस्थों के लिए अति शुभ फलदायी होता है। प्रायः स्नान कर व्रत के साथ भगवान सत्यनारायण की पूजा कथा कर दिनभर उपवास करने के उपरांत चंद्रोदय के समय चंद्रमा को…

प्रदूषण से प्रभावित स्वास्थ्यः ज्योतिषीय कारक-

सभी प्रमुख न्यूज पेपर की यह हेडलाईन थी… ‘‘दिल्ली में तीन दिनों तक रहने के कारण राष्ट्रपति बराक ओबामा के जिंदगी के छह घंटे कम हो गए’’.. दिल्ली में वायु प्रदूषण का उल्लेख करते हुए अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट आई है… इसमें कहा गया है कि दिल्ली में प्रदूषण…

क्यों महत्वपूर्ण है ग्रह दषाओं का विष्लेषण –

किसी भी जातक के जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अलावा उसके ग्रह दषाओं के अनुरूप उसका व्यवहार तथा कर्म निर्धारित होता है… जिसके कारण कुंडली के विष्लेषण के समय उस जातक के ग्रह दषाओं का असर उसके जीवन मे महत्वपूर्ण होता है… चूॅकि इंसान के जीवन में ग्रहो…

सरस्वती मां की पूजा से पायें सफलता

  माघ मास के शुक्ल पक्ष के पंचमी तिथि को सरस्वती मां की पूजा की जाती है… क्योंकि इस दिन विद्या की देवी सरस्वती का जन्म हुआ था. इसलिए इस दिन पूरे भारत में देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है… भोर में सरस्वती देवी की पूजा करे … कलश…

पितृ-दोष के कारण और निदान के संबंध में स्थान की किवंदंती –

भारतीय सामाजिक परंपरा में जीव को अमर माना गया है… तथा मान्यता है कि जीवन में किए गए कर्मो के शुभ-अषुभ, नैतिक-अनैतिक तथा पाप-पुण्य के आधार पर संचित प्रारब्ध के अनुसार जीवन में सुख-दुख का सामना करना पड़ता है… हिंदु रिवाज है कि पूर्वजो के किसी प्रकार के अषुभ या…

क्या करें परीक्षा में सफलता हेतु उपाय-

क्या करें परीक्षा में सफलता हेतु उपाय- हर माता-पिता की एक ही कामना होती है कि उसके बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करें, हर परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करें… किंतु हर संभव प्रयास करने के उपरांत भी कई बार असफलता आती है, जिसके कई कारण हो सकते हैं … प्रयास…

दुनिया में इतने ज्यादा अपराध क्यों?????

दुनिया में बढते अपराध की वजह है… भयंकर बढती जनसंख्या…अषिक्षा…बेरोजगारी…बेलगाम महत्वाकांक्षा… गरीब और अमीर के बीच बढता फर्क… तेजी से बढ रही भौतिकता… भोग पर निरंकुषता… प्रयोगवादी सामाजिक परिस्थितियाॅ… नैतिकता का अभाव… घर तथा गुरूकुल में अनुकूल वातावरण का ना होना….कठोर तथा अनुषासित राजनैतिक इच्छाषक्ति का अभाव… लोगों में शासन…

हस्त रेखा में सूर्य पर्वत का महत्व

हस्त रेखा में सूर्य पर्वत का महत्व अनामिका अंगुली के मूल में सूर्य का स्थान होता है। सूर्य का उभार जितना अधिक होगा, प्रभाव भी उतना ही अधिक प्राप्त होता है। सूर्य पर्वत का उभार अच्छा हो तथा स्पष्ट और सरल सूर्य रेखा हो तो व्यक्ति श्रेष्ठ प्रशासक, सवो या…

हस्त रेखा में चक्र का महत्व

हस्त रेखा में चक्र का महत्व हम सभी जानते हैं कि चक्र यानी गोल घेरा। यही चक्र जब अँगुली में होता है तो उसका आकलन किस तरह किया जाता है और इनका किन-किन स्थानों पर होना क्या-क्या प्रभाव दिखाता है, आइए, जानते हैं इस बारे में। जिस जातक की अँगुली…