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Category: उपाय लेख

गर्भपात (संतान हानि) – एक ज्योतिष विश्लेषण

विवाह के बाद प्रत्येक व्यक्ति ना सिर्फ वंश पंरपरा को बढ़ाने हेतु अपितु अपनी अभिलाषा तथा सामाजिक जीवन हेतु संतान सुख की कामना करता है। शादी के दो-तीन साल तक संतान का ना होना संभावित माना जाता है किंतु उसके उपरांत सुख का प्राप्त ना होना कष्ट देने लगता है…

राजनीतिक सफलता हेतु ज्योतिष उपाय

राजनीति आज के परिदृष्य में जहाँ विवादों से भरी हुई है, वहीं कई राजनैतिक व्यक्ति अपनी छवि तथा व्यवहार से लोगों के बीच लोकप्रिय बने हुए हैं। राजनीति के क्षेत्र में लगातार सफलता प्राप्ति तथा लोकप्रिय बने रहने हेतु ग्रह स्थिति और ग्रह दशाओं का अनुकूल होना आवश्यक है। अत:…

त्वचा को खिली खिली रखें

स्किन एलर्जी होने के कई कारण हो सकते हैं। आम तौर पर जब आपका लीवर याने आपकी पाचन क्रिया सही हो, तभी आपकी प्रतिरोधक क्षमता भी सहीं होती है। जब कभी भी लग्र, तीसरे या ग्यारहवे अथवा नीचस्थ शनि अथवा मंगल, भाग्यस्थ अथवा लग्रस्थ या सप्तमस्थ हो अथवा शुक्र-राहु लग्र…

एमबीए के किस क्षेत्र का चुनाव करें, जाने अपनी कुंडली से

इस वैष्वीकयुग में अनेक प्रकार के व्यवसायिक प्रतिष्ठान तथा कंपनियाॅ कार्य कर रहीं हैं। अब देष में ही बैठकर विदेषी कंपनियों में सर्विस प्राप्त करने के चांस उपलब्ध हैं। हर कंपनी में मार्केटिंग मैनेजमेंट, फायनेंस मैनेजमेंट, ह्मेन रिसोर्स मैनेजमेंट, एड मैनेजमेंट, कंसल्टेंसी, टूरिज्म के साथ कई अनेक क्षेत्र मैनेजमेंट हेतु…

प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हेतु करें अष्म स्तोत्र का पाठ

सभी की चाह होती है कि उच्च पद तथा सम्मान अपने जीवन में प्राप्त करें। साथ ही यह चाह भी कि जीवन में स्थिरता बनी रहे।  इस का एक तरीका सरकारी नौकरी प्राप्त करना भी है। किंतु कई बार देखा जाता है कोई व्यक्ति बहुत प्रयास के बाद भी सफल…

सामाजिक विकास से संबंधित ज्योतिष कारक –

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। वह समाज का एक सदस्य है और समाज के अन्य सदस्यों के प्रति प्रतिक्रिया करता है, जिसके फलस्वरूप समाज के सदस्य उसके प्रति प्रक्रिया करते हैं। यह प्रतिक्रया उस समय प्रकट होती है जब समूह के सदस्यों के जीवन मूल्य तथा आदर्ष ऊॅचे हों, उनमें…

कैन्सर ज्योतिष्य कारण और निदान

ज्योतीषीय कारण की खोज में लोग कैन्सर महारोग का निदान और निवारण प्राप्त कर लाभान्वित होते हैं। प्राचीन और सर्वमान्य भारतीय दर्शन जीवन के हर पहलू पर व्यवस्था देते हुए जिंदगी में निरोगी काया को मनुष्य का प्रथम सुख बताते हुए कहती है ”पहला सुख निरोगी काया” और माना गया…

जीवन में सुख और सफलता के उपाय

– घर का हर व्यक्ति सूर्योदय के पहले उठे और उगते सूर्य के दर्शन करे। इसी समय जोर से गायत्री मंत्र का उच्चारण करे तो घर के वास्तु दोष भी नष्ट हो जाते है। – सूर्य दर्शन के बाद सूर्य को जल, पुष्प और रोली-अक्षत का अर्घ्य दे, सूर्य के…

पीलिया रोग का ज्योतिषीय कारण-

यकृत शरीर के अत्यंत महत्वपूर्ण अंगों में से है। यकृत की कोशिकाएँ आकार में सूक्ष्मदर्शी से ही देखी जा सकने योग्य हैं, परंतु ये बहुत कार्य करती हैं। एक कोशिका इतना कार्य करती हैं कि इसकी तुलना एक कारखाने से (क्योंकि यह अनेक रासायनिक यौगिक बनाती है), एक गोदाम से…

पागलपन रोग और ज्योतिष –

पागलपन या उन्माद मस्तिष्क रोग है। यह रोग सिर की कोई नस दबने या रक्त का थक्का जमने या निराशा, दुःख, दर्द, शोक या पितृदोष अथवा परिवार में अकाल मृत्यु के कारण होता हैं। इस रोग के मुख्य लक्षण है – अधिक भोजन, आकस्मिक हंसना, शोर मचाना, अचानक नाचना या…

टेंडर एज और लक्ष्य से भटकाव – ज्योतिष कारण और निवारण –

आज के आधुनिक युग में जहाॅ सभी प्रकार की सुख-सुविधाएॅ जुटाने का प्रयास हर जातक करता है, वहीं पर उन सुविधाओं के उपयोग से आज की युवा पीढ़ी भटकाव की दिषा में अग्रसर होती जा रही है। पैंरेंटस् जिन वस्तुओं का सुविधाएॅ अपने बच्चों को उपयेाग हेतु मुहैया कराते हैं,…

उच्च कैरिअर में सफलता पाएँ ज्योतिषीय गणना से –

आज कल हर पैरेंटस की दिली तमन्ना होती है कि उनकी संतान उच्च तकनीकी षिक्षा प्राप्त करें, जिससे उसके कैरियर की शुरूआत ही एक अच्छे पैकेज से हो, किंतु सभी इसमें सफलता प्राप्त तो नहीं कर सकते किंतु अपने संतान की कुंडली के ज्योतिषीय विवेचन तथा उचित समाधान कर एक…

जीवनकाल के प्रमुख सफलता प्राप्ति के उपाय

वैदिक काल से मान्यता है कि किसी भी मानव के जीवन में पितृ ऋण, देव ऋण, आचार्य ऋण, मातृऋण के कारण जीवन में असफलता तथा हानि बीमारी का सामना करना पड़ता है। माना जाता है कि इंसान को अपनी जिंदगी में कर्ज, फर्ज और मर्ज को कभी नहीं भूलना चाहिए।…

चिकित्सकीय सेवा संबंधी आवष्यक ग्रह योग तथा प्रतिकूलता को दूर करने के उपाय

ज्योतिष विज्ञान के आधार पर किसी जातक की कुंडली में चिकित्सकीय सेवा से जुड़कर यष तथा प्रतिष्ठा प्राप्त करने के योग हैं या नहीं अथवा केाई जातक किस बीमारी का इलाज करने में समर्थ होगा यह जातक की ग्रह दषाओं तथा ग्रह स्थिति के आधार पर आसानी से लगाया जा…

ज्योतिष विवेचन से जाने अपना कर्म क्षेत्र

शिक्षा पूर्ण करते ही हर व्यक्ति की प्राथमिक आवश्यकता होती है धन कमाना। किंतु कई बार व्यक्ति असमंजस में होता है कि उसे नौकरी करनी चाहिए या व्यापार। कई बार व्यक्ति नौकरी में असफल या शिक्षा में असफल होने पर व्यापार करना चाहता है। किंतु कभी भी किसी प्रकार का…

रिष्तों में बाधक अहंकार:दूर करने के ज्योतिषीय उपाय

किसी व्यक्ति का व्यवहार मधुर होने के लिए उसका लग्नेष तथा तृतीयेष की बलवान और शुभ स्थान पर स्थिति होना चाहिए, जिससे पारस्परिक आनंद का कारण बनता है। किसी दो व्यक्ति का लग्नेष, तृतीयेष एवं सप्तमेष का जन्म कुंडली में शुभ भावों में युति या दृष्टि संबंध हो अथवा दोनों…

मनुष्य का सबसे बड़ा संबल:आत्मविश्वास

मनुष्य का सबसे बड़ा संबल उसका आत्मविश्वास ही होता है |आत्मविश्वास वस्तुतः एक मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति है | आत्मविश्वास एक अद्भुत शक्ति होती है | आत्मविश्वास कम होता है तो इससे हीनभावना जागृत होती है | जिंदगी में कामयाब होने के लिए सबसे जरूरी है आत्मविश्वास | आत्म विश्वास…