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हस्त रेखा में चक्र का महत्व

हस्त रेखा में चक्र का महत्व हम सभी जानते हैं कि चक्र यानी गोल घेरा। यही चक्र जब अँगुली में होता है तो उसका आकलन किस तरह किया जाता है और इनका किन-किन स्थानों पर होना क्या-क्या प्रभाव दिखाता है, आइए, जानते हैं इस बारे में। जिस जातक की अँगुली…

गृह मंदिर में पूजा का विधान …….

गृह मंदिर में पूजा का विधान ……. * देवालय मंदिर या गुंबद के आकार का न बनाकर ऊपर से चपटा बनवाएँ। * देवालय जहाँ तक हो सके ईशान कोण में रखें। यदि ईशान न मिले तो पूर्व या पश्चिम में स्थापित करें। * देवालय में कुल देवता, देवी, अन्नपूर्णा, गणपति,…

जाने नेतृत्व क्षमता हाथों की रेखाओं से

हमारे आस-पास के सभी लोगों की पसंद-नापसंद एक-दूसरे से भिन्न होती हैं। आमतौर पर अन्य लोगों के स्वभाव को जानने, समझने की जिज्ञासा सभी में रहती हैं, हम जानना चाहते हैं कि हमारे आस-पास के रहने वाले लोगों का व्यवहार कैसा है? उनकी सोच क्या है? किसी भी व्यक्ति की…

ऑफिस में रखें इन बातो का ध्यान

1. दरवाजे की ओर पीठ करके कभी न बैंठें। 2. बीम के नीचे न तो कभी बैठें और न ही काम करें। 3. अपने केबिन के दक्षिण-पश्चिम कोने में बैठे और मुख उत्तर अथवा पूर्व दिशा में रहें। 4. अपने कक्ष/केबिन का दक्षिण-पश्चिम कोना कभी भी रिक्त न रहने दें।…

नाले में नहाओ भूत-प्रेत भगाओ

घुटी-घुटी चीखें, हर तरफ सिसकियों की आवाज, रोना-कलपना, चीखना-चिल्लाना। यह भयावह मंजर है जावरा की हुसैन टैकरी का। इस टेकरी के बारे में हमने काफी कुछ सुन रखा था। सोचा, क्यों न सबसे पहले जायजा लिया जाए इस टेकरी का, जहां भूत-प्रेत भगाने के नाम पर लोगों से नाना प्रकार…

नक्षत्र से जाने आप का दिन शुभ होगा या अशुभ

नक्षत्र संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ है न क्षरति न सरति इति नक्षत्रः अर्थात् न हिलने वाला न चलने वाला, जो स्थिर हों, ग्रहों एवं नक्षत्रों में यहीं प्रमुख भेद है कि ग्रह तो भ्रमणषील हैं किंतु नक्षत्र स्थिर। भारतीय ज्योतिष में राषि-पथ एक स्थिर नक्षत्र से प्रारंभ होता…

कर्ज से मुक्ति का ज्योतिषीय उपाय

वर्तमान दौर में व्यक्ति को कर्ज लेना ना केवल आवष्यक बल्कि मजबूरी भी है। आज के आधुनिक दौर में सभी आवष्यक कार्यो हेतु कर्ज लेना पड़ता फिर वह बच्चों की षिक्षा विवाह के लिए हो या मकान वाहन के लिए। हर अहम परिस्थिति में कर्ज लेना जरूरी हो गया है।…

कर्म और प्रारब्ध का स्थान ज्योतिष रूप –

पुरूषार्थ का महत्व भाग्य से अधिक है साथ ही अधिकांष लोगो की मान्यता होती है कि भाग्य नाम की कोई चीज नहीं होती जितना कर्म किया जाता है उसी के अनुरूप फल मिलता है किंतु जीवन की कई अवस्थाओं पर नजर डाले तो भाग्य की धारणा से इंकार नहीं किया…

मासशिवरात्रि व्रत

मासषिव रात्रि व्रत कृष्णपक्ष की चतुर्दषी को किया जाता है। इस दिन एक दिन पूर्व भोजन कर दिनभर निराहार रहकर पत्रपुष्प तथा सुंदर वस्त्रों से मंडल तैयार करके वेदी पर कलष की स्थापना कर गौरी शंकर की स्वर्णमूर्ति तथा नंदी की चाॅदी की मूर्ति रखकर अथवा सामान्य रूप से उपयोग…

दिवाली पूजन विधि एवं मुहूर्त

सौभाग्य योग की पूजा देगा सौभाग्य और समृधि – कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या रात्रि 09:32 तक दिन बुधवार, स्वाति नक्षत्र शाम 07:37 तक, आयुष्मान योग संध्या 05:57 तक उसके बाद सौभाग्य योग रात्रि भर, चंद्रमा तुला राशि के – अभिजित मुहूर्त – 11:59 – 12:22 तक शुभ और पूजन में…

नरक चतुर्दशी अथवा रूप चतुर्दशी

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी नरक चतुर्दशी अथवा रूप चतुर्दशी एव छोटी दीपावली के रूप में मनायी जाती है। यह त्यौहार नरक चौदस या नर्का पूजा के नाम से भी प्रसिद्ध है। इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने अत्याचारी और दुराचारी दु्र्दान्त असुर नरकासुर का वध किया था और सोलह…

” धनतेरस ” भगवान धन्वन्तरि की पूजा से होती है सुख-समृद्धि व आरोग्य की प्राप्ति

धनतेरस खरीदी एवम पूजा मुहूर्त धनतेरस मुहूर्त 05 नवम्बर, 2018   कार्तिक कृष्ण पक्ष त्रयोदशी रात्रि 01:47 तक सोमवार, हस्त नक्षत्र रात्रि 08:37 तक, विष्कुंभ योग रात्रि 10:11 तक उसके बाद प्रीत योग, चंद्रमा कन्या राशि में.   राहुकाल – प्रात: 08:07 – 09:32 अभिजीत मुहूर्त –   11:59 AM से  12:45 PM अमृत- 06:42 से 08:07 शुभ- 09:32 से 10:57 चर- 13:47 से  15:12 लाभ- 15:12 से 16:37 अमृत…

सफला एकादशी –

सफला एकादषी का व्रत पौष माह की कृष्णपक्ष की एकादषी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा का विधान है। एकादषी का व्रत रखने वाले दषमी के सूर्यास्त से भोजन नहीं करते। एकादषी के दिन ब्रम्हबेला में भगवान कृष्ण की पुष्प, जल, धूप, अक्षत से पूजा की…

परीक्षा परिणाम में मनचाहा परिणाम पाने हेतु ज्योतिष उपाय

हर माता-पिता की एक ही कामना होती है कि उसके बच्चे उच्च षिक्षा ग्रहण करें, हर परीक्षा में उच्च अंक प्राप्त करें। इसके लिए वे हर प्रकार से प्रयास करते हैं साथ ही हर वह उपाय करते हैं, जिससे उनकी मनोकामना पूरी हो किंतु हर संभव प्रयास करने के उपरांत…

आकस्मिक निवेष का ज्योतिषीय परिप्रेक्ष्य –

वर्तमान युग में जल्दी अमीर बनने तथा समृद्धि पाने की चाह कई व्यक्ति को होती है, इसके लिए कई बार व्यक्ति लाटरी, शेयर या स्टाॅक से संबंधित क्षेत्र में धन लाभ हेतु प्रयास करता है किंतु कई बार दूसरों की देखादेखी यह प्रयास उसके लिए हानिकारक साबित होता है। जहाॅ…

कालसर्प दोष की भ्रांति और ज्योतिषीय यर्थाथ –

ज्योतिषीय आधार पर कालसर्प दो शब्दों से मिलकर बना है ‘‘काल’’ और ‘‘सर्प’’ । काल का अर्थ समय और सर्प का अर्थ सांप अर्थात् समय रूपी सांप। ज्योतिषीय मान्यता है कि जब सभी ग्रह राहु एवं केतु के मध्य आ जाते हैं या एक ओर हो जाते हैं तो कालसर्प…

आपकी आय और आपकी कुंडली में योग –

किसी जातक का आजीविका का साधन क्या हो सकता है। यह उसकी कुंडली से जाना जा सकता है। कई बार देखने में आता है कि जातक की षिक्षा किसी क्षेत्र में होती है और उसकी नौकरी का क्षेत्र उस षिक्षा से बिल्कुल भी विपरीत क्षेत्र में होता है। इस सबका…

 करवा चौथ व्रत

 करवा चौथ व्रत – पति की लंबी आयु के लिए किया जाता है व्रत – संकल्प शक्ति का प्रतीक है करवा चौथ व्रत – अखंड सौभाग्य की कामना का व्रत है करवा चौथ – कार्तिक माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को किया जाता है व्रत ————————————————————-  पूजन सामग्री…

रिश्तों में मधुरता बढ़ाने का ज्योतिषीय उपाय

ग्रह, नक्षत्र हमारे आपसी रिष्तों पर अपना पूरा प्रभाव डालते हैं। इस संबंध में ज्योतिषषास्त्र में पर्याप्त जानकारी प्राप्त होती है। कुंडली में प्रत्येक ग्रह से कोई ना कोई रिष्ता जुड़ा होता है तथा प्रत्येक भाव से रिष्तेदारो की स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। सूर्य से जहाॅ…

हिंदू संस्कृति में प्रचलित प्रमुख संस्कार –

सनातन हिंदू धर्म बहुत सारे संस्कारों पर आधारित है, जिसके द्वारा हमारे विद्धान ऋषि-मुनियों ने मनुष्य जीवन को पवित्र और मर्यादित बनाने का प्रयास किया था। ये संस्कार ना केवल जीवन में विषेष महत्व रखते हैं बल्कि इन संस्कारों का वैज्ञानिक महत्व भी सर्वसिद्ध है। गौतम स्मृति में कुल चालीस…

वास्तु शास्त्र में ‘क्यों’ और ‘कैसे’ ??????

वास्तु’ का सहज शाब्दिक अर्थ एक ऐसे आवास से है जहां के रहवासी सुखी, स्वस्थ एवं समृद्ध हों। इसीलिए वास्तु विज्ञान में हमारे पूर्वजों ने अपने दिव्य ज्ञान से ऐसे अनेक तथ्यों को शामिल किया है जो कि किसी भी भवन के रहवासियों को शांतिपूर्वक रहने में परम सहायक होते…

वास्तु में भवन वेध

भवन वेधः मकान से ऊँची चारदीवारी होना भवन वेध कहलाता है। जेलों के अतिरिक्त यह अक्सर नहीं होता है। यह आर्थिक विकास में बाधक है। दो मकानों का संयुक्त प्रवेश द्वार नहीं होना चाहिए। वह एक मकान के लिए अमंगलकारी बन जाता है। मुख्यद्वार के सामने कोई पुराना खंडहर आदि…

मूलांक से जानिए अपना कार्य क्षेत्र

मूलांक से जानिए अपना कार्य क्षेत्र अंक 1-इस अंक वालों का प्रधान ग्रह सूर्य होता है, इसलिए ये लोग अनाज, सोना, मोती, का व्यापार कर सकते हैं। साथ ही सरकारी क्षेत्र में अपना करियर बना सकते है। इन्हें अवैधानिक या गैरकानूनी बिजनेस नहीं करना चाहिए। इसमें इन्हें हानि होने की…

वारक्रम की वैज्ञानिक धारणा –

सात वारों की गणना या नाम की जो पद्धति वेदों में निर्धारित की गई है, उसका वैज्ञानिक महत्व और मान्यता आज भी बरकरार है। संसार में पुरूष और प्रकृति के नाते प्रत्येक वस्तु को दो भागों में विभक्त किया गया है। प्रत्येक वर्ष को उत्तरायण और दक्षिणायन इन दो भागों…

आय में बाधा का कारण और बेहतर करने ज्योतिष उपाय –

आज के भौतिक युग में प्रत्येक व्यक्ति की एक ही मनोकामना होती है की उसकी आर्थिक स्थिति सुदृढ रहें तथा जीवन में हर संभव सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती रहे। किसी व्यक्ति के पास कितनी धन संपत्ति होगी तथा उसकी आर्थिक स्थिति तथा आय का योग तथा नियमित साधन कितना तथा…

कुंडली से जाने विवाह समय –

किसी जातक का सामान्य प्रष्न होता है कि उसका विवाह कब होगा। इसकी जानकारी के लिए उस जातक की राषि में सप्तमेष जिस ग्रह में स्थित होता है उसके स्वामी या नवांष में जिस राषि में सप्तमेष स्थित है उसके स्वामी के दषाकाल में शादी का योग बनता है। कारक…

दरिद्रता एक अभिशाप है……..

क्या आप भी कष्ट से जीवन-यापन कर रहे हैं?????????? जीवन में धन की कमी या निर्धनता को दरिद्रता कहते हैं। यह एक ऐसा दोष है, जो न केवल मानव जीवन में पग-पग पर कठिनाइयां पैदा करता है, बल्कि यह व्यक्तित्व एवं व्यक्ति की छवि को विकृत भी कर देता है।…

क्रोधी, हठी स्वभाव के तथा बहादुर होते हैं मूलांक ९ वाले …

क्रोधी, हठी स्वभाव के तथा बहादुर होते हैं मूलांक ९ वाले … क्या आपका भी मूलांक ९ है ?????????????? मूलांक ९ के जातक बहुत ही बुद्घिमान एवं पढ़ाई में होशियार होते हैं। अपनी बुद्घि से यह काफी तरक्की करते हैं, भाग्य भी इनका हमेशा साथ देता है। यह लीक पर…

स्वयं जानिए अपने शुभ एवं अशुभ अंकों को

अंक हमारे जीवन से जुड़े कुछ ऐसे विशेषण हैं जो न केवल हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं बल्कि एक भविष्य से जुड़ी पूर्व सूचना भी देते हैं । अंक ज्योतिष (Numerology) से भविष्य को बड़ी ही सरलता से समझा जा सकता है । अंक ज्योतिष एक ऐसा विषय है…