मंदिर में न करें इस प्रकार की गलती,वरना हो सकती है बड़ी परेशानी
अधिकांश घरों में देवी-देवताओं के लिए एक अलग स्थान होता है। कुछ घरों में छोटे-छोटे मंदिर बनवाए जाते हैं। नियमित रूप से घर के मंदिर में पूजन करने पर चमत्कारी रूप से शुभ फल प्राप्त होते हैं। वातावरण पवित्र बना रहता है, जिससे महालक्ष्मी सहित सभी दैवीय शक्तियां घर पर अपनी कृपा बनाए रखती हैं। लेकिन हम जानकारी के अभाव में मंदिर में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो कि अशुभ होती है। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं, जो कि घर के मंदिरों में नहीं की जानी चाहिए।
यदि आपके घर का पूजाघर गलत दिशा में बना हुआ हैं तो पूजा का अभीष्ट फल प्राप्त नहीं होता हैं फिर भी ऐसे पूजाघर में उत्तर अथवा पूर्वोत्तर दिशा में भगवान की मूर्तियाॅ या चित्र आदि रखने चाहिए । पूजाघर की देहरी को कुछ ऊँचा बनाना चाहिए । पूजाघर में प्रातःकाल सूर्य का प्रकाश आने की व्यवस्था बनानी चाहिए ।
पूजाघर में वायु के प्रवाह को संतुलित बनाने के लिए कोई खिड़की अथवा रोशनदान भी होनी चाहिए । पूजाघर के द्वार पर मांगलिक चिन्ह, (स्वास्तीक, ऊँ,) आदि स्थापित करने चाहिए । ब्रह्मा, विष्णु, महेश या सूर्य की मूर्तियों का मुख पूर्व या पश्चिम में होना चाहिए । गणपति एवं दुर्गा की मूर्तियों का मुख दक्षिण में होना उत्तम होता हैं । काली माॅ की मूर्ति का मुख दक्षिण में होना शुभ माना गया हैं । हनुमान जी की मूर्ति का मुख दक्षिण पश्चिम में होना शुभ फलदायक हैं ।
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