इस राशि के जातक के लिए शनि द्वादश और लग्न भाव के स्वामी माने जाते हैं। नए साल में शनि देवता आप के लग्न में ही गोचर करने वाले हैं। बता दें कुंभ राशि के जातक अभी शनि आपके साढ़ेसाती के मध्य भाग के चरण में हैं। वही शनि की दृष्टि आप के तीसरे यानी पराक्रम भाव, सातवें यानी पत्नी के भाव और दशम भाव यानी कर्म भाव पर पड़ने वाली हैं। शनि के इस तरह गोचर होने की वजह से आपके साहस में वृद्धि होगी।
लेकिन आपको मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। जिस व्यक्ति के विवाह में परेशानी आ रही हैं, वैसे जातक के लिए यह समय अच्छा रहेगा। यदि आप साझेदारी में काम कर रहे हैं, तो आपको इसमें मुनाफा भी मिल सकता है। भाई -बहन के संबंध में चल रहे मनमुटाव अब बहुत जल्द वह खत्म होने वाले हैं।
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