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अंकशास्त्र में सूर्य का महत्व

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अंकशास्त्र में सूर्य

ज्योतिष विद्याओं में अंक विद्या भी एक महत्वपूर्ण विद्या है.जिसके द्वारा हम थोडे समय में ही प्रश्न कर्ता के उत्तर दे सकते है.अंक विद्या में “१” का अंक सूर्य को प्राप्त हुआ है.जिस तारीख को आपका जन्म हुआ है,उन तारीखों में अगर आपकी जन्म तारीख १,१०,१९,२८, है तो आपका मूलांक सूर्य का नम्बर “१” ही माना जायेगा.इसके अलावा जो आपका पूर्णांक नम्बर होगा वह जन्म तारीख,महिना,और पूरा सन जोडने के बाद जो प्राप्त होगा,साथ ही कुल मिलाकर अकेले नम्बर को जब सामने लायेंगे,और वह नम्बर एक आता है तो कार्मिक नम्बर ही माना जायेगा.जिन लोगों के जन्म तारीख के हिसाब से “१” नम्बर ही आता है उनके नाम अधिकतर ब,म,ट,और द से ही चालू होते देखे गये है.

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१ शुरुआती नम्बर है,इसके बिना कोई भी अंक चालू नही हो सकता है.इस अंक वाला जातक स्वाभिमानी होता है,उसके अन्दर केवल अपने ही अपने लिये सुनने की आदत होती है.जातक के अन्दर ईमानदारी भी होती है,और वह किसी के सामने झुकने के लिये कभी राजी नही होता है.वह किसी के अधीन नही रहना चाहता है और सभी को अपने अधीन रखना चाहता है.

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