इंप्रोवाइजेशन अव्यवस्था, अराजकता व विपरीत परिस्थितियों का विवेकपूर्ण समाघान का तकनीक है। वास्तव में संपूर्ण जीवन एक प्रयोगशाला है तथा इंप्रोवाइजेशन मनुष्य के द्वारा विषमताओं का अविष्कृत समाधान है। भारतीय परिवेश में यह अत्यंत समीचीन संदर्भित एवं आवश्यक है क्योंकि सामान्य दैनिक चर्या में भी हम हर तरह के इंप्रोवाइजेशन का उदाहरण पेष करते हैं। कोई व्यक्ति बहुत अच्छा से अपना जीवन कम से कम सुविधाओं में निकाल लेता है वहीं कई लोग सभी प्रकार से सक्षम, सभी का सहयोग प्राप्त करने के बाद भी असफलता का सामना करने हैं जीवन के इसी सूक्ष्म इंप्रोवाइजेशन को समझने के लिए किसी जातक की कुंडली में तीसरा स्थान देखना चाहिए। अगर किसी जातक की कुंडली तीसरे स्थान का स्वामी शनि, बुध मंगल जैसे ग्रह होकर अनुकूल स्थिति में हों तो ऐसा जातक जीवन में इंप्रोवाइजेशन कर सफल हो सकता है। अतः अपने जीवन में तीसरे स्थान के ग्रहों को अनुकूल कर इंप्रोवाइजेशन करियें और सफलता तथा यष प्राप्त करिये।
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