जीवन का सबसे बड़ा प्रश्न ही रोटी अर्थात रोजगार है, और हम इस पहले मोर्चे पर ही असफल साबित हो जाए। वर्तमान डिग्री प्राप्त करने से ईतर स्वावलंबन परक शिक्षा की प्राप्ति कर स्वावलंबी बनने की दिषा में प्रयास करना चाहिए। जिस समय कालपुरुष की कुंडली में शनि जो कि नवीन अन्वेषण का कारक होता है। अतः शिक्षा के क्षेत्र में भी कुछ नया करते हुये ऐसी शिक्षा देने का प्रयास करना चाहिए जिससे डिग्री या ज्ञान के साथ-साथ समर्थवान बन सके…
ज्योतिषीय गणनाओं का सहारा लेते हुए रोजगार मूलक शिक्षा को बढावा देने के लिए कुंडली का आकलन कर शनि, बुध, मंगल राहु इत्यादि ग्रहों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए व्यक्ति को ग्रहों की अनुकूलता के साथ अपने पसंद के अनुरूप तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर स्वावलंबी होने के लिए प्रयास करना चाहिए।
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