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ज्योतिषीय लेख
प्राचीन ज्ञान • सरल भाषा • आपके जीवन के लिए उपयोगी
ज्ञान वह दीप है, जो जीवन के अंधकार को दूर कर सही दिशा दिखाता है।
नवीनतम लेख – पृष्ठ 484
कृष्ण जन्माष्टमी –
कृष्ण जन्माष्टमी भाद्रपद कृष्णपक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि में भगवान विष्णु के आठवें अवतार के…
माॅ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति “माॅ महागौरी”
माॅ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी हैं। इनका वर्ण पूर्णतः गौर हैं। इस गौर…
माॅ दुर्गा की सातवीं शक्ति “माॅ कालरात्रि “
माॅ दुर्गा की सातवीं शक्ति कालरात्रि के नाम से जानी जाती हैं। इनके शरीर का रंग…
माॅ दुर्गा के छठवें स्वरूप “माॅ कात्यायनी”
माॅ दुर्गा के छठवें स्वरूप का नाम कात्यायनी देवी हैं। मान्यता है कि जब दानव महिषासुर…
सप्तम भाव के ग्रहों की प्रतिकूल स्थिति से बाधित वैवाहिक जीवन
सप्तमभाव लग्न कुंडली में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। लग्न से सातवाॅ भाव ही दांपत्य व…
नाड़ी दोष और भकूट दोष का व्यवहारिक स्वरूप
भारतीय ज्योतिष में कुंडली मिलान के लिए प्रयोग की जाने वाली गुण मिलान की विधि में…
हनुमान जी को सिंदूर क्यों?
अद्भुत रामायण में एक कथा का उल्लेख मिलता है, जिसमें श्री रामचंद्र का राज्याभिषेक होने के…