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6 अप्रैल 2024 को देशभर के विख्यात ज्योतिषियों, वास्तु शास्त्रियों, आचार्य, महामंडलेश्वर की उपस्थिति में होगा भव्य आयोजन

6 अप्रैल 2024 को देशभर के विख्यात ज्योतिषियों, वास्तु शास्त्रियों, आचार्य, महामंडलेश्वर की उपस्थिति में होगा भव्य आयोजन

विराट ज्योतिष सम्मेलन श्री महाकाल धाम में

 

6 अप्रैल 2024 को देशभर के विख्यात ज्योतिषियों, वास्तु शास्त्रियों, आचार्य, महामंडलेश्वर की उपस्थिति में होगा भव्य आयोजन

कार्यक्रम स्थल – श्री महाकाल धाम पुराना बांध के पास ग्राम – अमलेश्वर , तहसील – पाटन, जिला – दुर्ग (छत्तीसगढ़)
कार्यक्रम की तारीख़ – 6 अप्रैल 2024 दिन – शनिवार
कार्यक्रम का समय – सुबह 10 से रात 8 बजे तक

विद्वान आचार्यों द्वारा ज्योतिष,वास्तु,हस्तरेखा,अंकशास्त्र ,टैरो,डाउजिंग आदि विद्वानों में विशेष व्याख्यात होंगे।
विद्वानों द्वारा निजी परामर्श भी दिये जायेंगे।
विद्वानों आचार्यों का श्री महाकाल द्वारा सम्मान कार्यक्रम भी जारी रहेगा।
श्री महाकाल के गर्भगृह में सभी विद्वानों एवं अतिथियों का रूद्राभिशेक, निःशुल्क होगा।
सभी अतिथियों के भोजन प्रसादी के लिए निरंतर भंडारा जारी रहेगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पवित्र पावन खारुन नदी के तट पर स्थित श्री महाकाल धाम, अमलेश्वर में विराट ज्योतिष सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। 6 अप्रैल 2024 को होने जा रहे इस भव्य और दिव्य आयोजन में देश के प्रख्यात 200 से अधिक जयोतिर्विद शामिल होंगे। ज्योतिषियों, वास्तु शास्त्रियों, आचार्यों महामंडलेश्वरों महंतों की उपस्थिति में होने वाले इस सम्मेलन में राज्य के साथ ही देश के अन्य जगहों से पधारे ख्यातिप्राप्त ज्योतिषियों निःशुल्क जन्मपत्री निर्माण करने के साथ ज्योतिष परामर्श भी करेंगे। श्री महाकाल धाम अमलेश्वर के सर्वराकार पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी ने बताया कि इस एक दिवसीय ज्योतिष सम्मेलन में विद्वान, ज्योतिषियों, वास्तु शास्त्रियों, आचार्यों महामंडलेश्वरों महंतों की उपस्थिति में यहां आने वाले लोगों की निजी समस्या और सवालों का समाधान किया जाएगा। साथ ही ज्योतिष और कर्मकांड को लेकर उनके हर प्रश्न का उत्तर दिया जाएगा।
श्री महाकाल धाम अमलेश्वर के सर्वराकार पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी कहते हैं कि वेदस्य निर्मलं चक्षुर्ज्योतिश्शास्त्रमनुत्तमम्, यथा शिखा मयूराणां नागानां मणयो यथा। अर्थात जिस प्रकार मोरों में शिखा और नागों में मणि का स्थान सबसे उपर है, उसी प्रकार सभी वेदांगशास्त्रों मे गणित का स्थान सबसे उपर है। हमेशा से ‘गणित’ और ‘ज्योतिष’ समानार्थी शब्द थे। लेकिन कालांतर में कुछ लोगों ने ज्योतिष को अंधविश्वास से जोड़ दिया। ज्योतिष सम्मेलन की संयोजिका डॉ. शिखा पांडेय ने बताया कि अपने तरह का ये छत्तीसगढ़ में होने वाला पहला आयोजन है। जिसमें एक ही मंच पर ज्योतिष के माध्यम से लोगों की निजी समस्याओं के निराकरण का प्रयास देश के प्रख्यात ज्योतिषविद के द्वारा किया जाएगा।
ज्योतिष सम्मेलन सुबह 10 बजे से लेकर रात्रि के 8 बजे तक चलेगा। ज्योतिष के गुनी अपना संभाषण करने के साथ यहां आने वाले लोगों से मिलेंगे। कार्यक्रम में सभी से सपरिवार उपस्थित होने की अपील की गई है। श्री महाकाल धाम मंदिर के गर्भ गृह में भगवान श्री महाकाल का पूजन अभिषेक सभी के लिए निःशुल्क होगा। साथ ही सभी के लिए प्रसादी की व्यवस्था भी की गई है।
आपको बता दें कि श्री महाकाल धाम अमलेश्वर छत्तीसगढ़ का एक मात्र ऐसा तीर्थ है, जहां पिछले 20 वर्षों से पलाश विधि के द्वारा नारायण नागबली, कालसर्प की पूजा, विवाह में आने वाली बाधाओं के निवारण के लिए कुंवारे युवाओं ने अर्क विवाह और कन्याओं ने कुंभ विवाह और विशेष अनुष्ठान पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी द्वारा कराए जा रहे हैं। विशेष पूजा-अनुष्ठान के लिए 91 9753039055, +919893363928 और 07714050500 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

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