ज्योतिष से समाधान|जीवन में सकारात्मक परिवर्तन
|| ज्योतिर्विद्या लोकहिताय ||
Home Articles अन्य लेख
अन्य लेख

कन्दुकस्तुती

कन्दुकस्तुती

श्रीमदानन्दतीर्थ-भगवत्पादाचार्य विनिर्मिता ॥
अंबरगंगा-चुंबित-पादः पदतल-विदलित-गुरुतर-शकटः ।
कालियनाग-क्ष्वेल-निहन्ता  सरसिज-नवदल-विकसित-नयनः ॥१॥
कालघनाली-कर्बुर-कायः शरशत-शकलित-रिपुशत-निवहः ।
संतत-मस्मान् पातु मुरारिः सततग-समजव-खगपति-निरतः ॥२॥
॥ इति श्रीमदानन्दतीर्थभगवत्पादाचार्य विरचिता कन्दुकस्तुतिः संपूर्णा ॥

क्या आपके जीवन में कोई प्रश्न है?

अनुभवी ज्योतिषियों से कुंडली, विवाह, करियर और वास्तु पर व्यक्तिगत परामर्श लें।

अभी परामर्श लें