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कन्दुकस्तुती

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कन्दुकस्तुती

श्रीमदानन्दतीर्थ-भगवत्पादाचार्य विनिर्मिता ॥
अंबरगंगा-चुंबित-पादः पदतल-विदलित-गुरुतर-शकटः ।
कालियनाग-क्ष्वेल-निहन्ता  सरसिज-नवदल-विकसित-नयनः ॥१॥
कालघनाली-कर्बुर-कायः शरशत-शकलित-रिपुशत-निवहः ।
संतत-मस्मान् पातु मुरारिः सततग-समजव-खगपति-निरतः ॥२॥
॥ इति श्रीमदानन्दतीर्थभगवत्पादाचार्य विरचिता कन्दुकस्तुतिः संपूर्णा ॥
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