- दिनांक 26. 10.2019 का पंचाग
- शुभ संवत 2076 शक 1941 …
- सूर्य दक्षिणायन का …कार्तिक मास कृष्ण पक्ष…. चतुर्दशी तिथि.. दोपहर को 03 बजकर 47 मिनट तक … शनिवार….उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र.. दिन को 08 बजकर 28 मिनट तक … आज चन्द्रमा … सिंह राशि में… आज का राहुकाल दिन को 08 बजकर 56 मिनट से 10 बजकर 22 मिनट तक होगा …
राशि अनुसार स्नान करें और करें मंत्रजाप तथा दान –
मेष-

इस राशि का स्वामी मंगल है। इस राशि वाले लोग मसूर की दाल में सरसो का तेल मिलाकर स्नान करें तथा मंगल पूजा के साथ गेहूं और गुड़ का दान करें। गरीबों में अन्न और वस्त्र का दान करें। मंगल का संबंध रक्त से होता है। रक्त दान करने से अनंत पूण्य की प्राप्ति होगी। गो माता को रोटी और गुड़ खिलाएं।
वृष-

इस राशि का स्वामी ग्रह शुक्र है। इस राशि वाले लोग नारियल के तेल में कपूर पूरे शरीर में लगाकर मुलतानी मिट्टी लगाकर स्नान करने के उपरांत माता के मंदिर में दुर्गा कवच का पाठ कर किसी गरीब अंधे व्यक्ति को अन्न दान करें। सुगंधित इत्र का दान करें। चावल और चीनी दान में दें। अपनी सामर्थ्य अनुसार स्टील या चांदी का एक गिलास मंदिर में भेंट करें।
मिथुन-

इस राशि का स्वामी है बुध। इस राशि वाले लोग नीम के पत्ते को उबालकर तिल मिला जल से स्नान करें। उसके उपरांत गणपति अर्थवशीर्ष का पाठ कर वस्त्र का दान करें। गाय को पालक खिलाएं। मूंग की दाल दान में दें। कपूर और धूप अगरबत्ती दान में दें। चांदी को कोई आभूषण सामर्थ्य अनुसार माता जी को चढ़ाएं।
कर्क-

इस राशि का स्वामी है चंद्रमा। इस राशि वाले लोग चावल में दही मिलाकर उबटन लगाले उसके उपरांत शिवजी में जल अभिषेक करने के उपरांत चावल और चीनी का दान करें। गाय को आटा खिलाएं। एक चांदी का चंद्रमा दान करें। तांबे का पात्र मंदिर में दान करें। एक तांबे का लोटा और गिलास चम्मच सहित मंदिर में दान दें।
सिंह-

इस राशि का स्वामी सूर्य है। इस राशि वाले लोग चंदन पाउडर में दूध मिलाकर उबटन लगाकर जल से स्नान कर सूर्य को अध्र्य देने के उपरांत इस राशि वाले लोग गेहूं और गुड़ का दान करें। एक ताम्र पात्र मंदिर में दान करें। रक्त दान करें। धार्मिक पुस्तक बाटें। शिक्षा में उन्नति के लिए गरीब बच्चों में पुस्तक और कलम का वितरण करें।
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