16 फरवरी शनिवार को तिल द्वादशी मनाएं. इस दिन लोगों को तिल, कंबल, घी, मिष्ठान आदि का दान करना चाहिए. तिल द्वादशी पर दान करने से आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी.
16 फरवरी शनिवार को तिल द्वादशी मनाएं. धन, संपत्ति और मान सम्मान बढ़ेगा. लोगों को इस दिन तिल, कंबल, घी, मिष्ठान आदि का दान करना चाहिए. तिल द्वादशी पर विशेष संयोग बना है. इस दिन दान और स्नान का विशेष महत्व है. प्रयाग में कुम्भ मेला चल रहा है. प्रयागराज में स्नान कर पुण्य प्राप्त करते हैं.
तिल द्वादशी मनाई जाएगी, तिल में लक्ष्मी जी का वास होता है. तिल, अन्न, उड़द की दाल, चावल, पापड़, घी, गुड़, नमक, कम्बल, ऊनी वस्त्र का दान करना बहुत ही उत्तम माना जाता है. अगर आप पवित्र नदियों में स्नान करने नहीं जा सकते तो घर पर ही स्नान कर सूर्य को अर्घ्य देकर दान कर सकते हैं. बेहतरीन शुभ समय शुरू होगा.
इस समय गंगा स्नान करना या नदियों में स्नान करना होगा. विष्णु भगवान की पूजा करनी होगी. अपने राशि अनुसार उपाय करना पड़ेगा.
मेष- पवित्र स्नान के बाद सूर्य पूजा करें और गुड़ रेवड़ी का दान करें.
वृषभ- धन की हानि, फ़िज़ूलखर्ची नहीं होगी. रोग एवं अशांति से बचना होगा. गंगाजल डालकर स्नान करें. सफ़ेद तिल की रेवड़ी और चावल दान करें.
मिथुन- आयु बढ़ेगी, शत्रुओं से सावधान रहें, सेहत ठीक रखें, गंगाजल डालकर स्नान करें. गुड़ की रेवड़ी और मूली का दान करें.
कर्क- धन की हानि, क्लेश और मानहानि से बचाव होगा. जीवन साथी और बच्चों की सेहत अच्छी होगी. गंगाजल डालकर स्नान करे –तिल के लडडू दान करें.
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