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Narak Chaturdashi 2019: नरक चतुर्दशी, तिथि एवं मुहूर्त, पूजन विधि

Narak Chaturdashi 2019: नरक चतुर्दशी, तिथि एवं मुहूर्त, पूजन विधि

नरक चतुर्दशी

नरकासुर वध

प्राचीन काल में नरकासुर राक्षस ने अपनी शक्तियों से देवता और साधु संतों को परेशान करने के साथ ही देवता और संतों की 16 हज़ार स्त्रियों को बंधक बना लिया। नरकासुर के अत्याचारों से परेशान देवता और साधु-संत भगवान श्री कृष्ण की शरण में गए। नरकासुर को स्त्री के हाथों से मरने का श्राप था इसलिए भगवान श्री कृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की मदद से कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को नरकासुर का वध किया और उसकी कैद से 16 हजार स्त्रियों को आजाद कराया। बाद में ये सभी भगवान श्री कृष्ण की 16 हजार पट रानियां के तौर पर जानी जाने लगीं।

नरक चतुर्दशी तिथि एवं मुहूर्त

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नरक चतुर्दशी 2019 :  26 अक्टूबर 2019 

अभ्यंग स्नान समय : 04.29  बजे से 06.05 बजे तक 

अवधि : 1 घंटे 37 मिनट

नरक चतुर्दशी के नियम

  • कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन चंद्रोदय या सूर्योदय (सूर्योदय से सामान्यत: 1 घंटे 36 मिनट पहले का समय) होने पर नरक चतुर्दशी मनाई जाती है
  • यदि दोनों दिन चतुर्दशी तिथि सूर्योदय अथवा चंद्रोदय का स्पर्श करती है तो नरक चतुर्दशी पहले दिन मनाने का विधान है।
  • नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले चंद्रोदय या फिर अरुणोदय होने पर तेल अभ्यंग ( मालिश) और यम तर्पण करने की परंपरा है

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