श्री महाकाल धाम अमलेश्वर
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रायपुर। बड़ी संख्या में श्रद्धालुयों ने श्री अमलेश्वर में पलाश विधि के द्वारा नारायण नागबली,कालसर्प की पूजा कराई एवं वही विवाह की आ रही बाधाओं के निवृत्ति के लिए लड़कों ने अर्क विवाह और लड़कीयों ने कुंभ विवाह भी करवाया। श्री महाकाल धाम में लगभग 20 वर्षों से यह पूजा अनवरत चलते आ रही है इस वर्ष श्री महाकाल धाम का जिर्णोंद्धार कार्य शुरू हुआ है। इस मंगल तीर्थ में श्रद्धालु न केवल पूजा करते है बल्कि पूजन के बाद विधिवत रूद्राभिषेक एवं महाप्रसादी का आनंद लेते है श्री महाकाल धाम छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के दक्षिण दिशा में बहने वाली पावन सलिला खारून नदी के दुसरे ओर की तट पर एक विशाल धाम है जहां भगवान अमलेश्वर का प्राकट्य वर्ष 2004 में 3 जुलाई 2004 को प्रथम श्रावण कृष्ण पक्ष प्रतिपदा दिन शनिवार को हुआ और फिर उसी दिन से भगवान एक टेंट में पूजे जाने लगी आश्चर्य की बात ये है कि जिस क्षेत्र में भगवान का श्री धाम है। उस क्षेत्र का खसरा नंबर 786 है इस धाम से उत्तर वाहिणी गंगा श्री खारून के दर्शन से सहज है इसी खारून के तट पर इस वर्ष एक विशाल धाम का निर्माण का प्रकल्प शुरू हुआ है। जिसका मुल मंदिर में मुल गर्भ गृह में भगवान अमलेश्वर परिक्रमा में श्री गणेश जी महाराज ,कैलाश अधिपति शंकर , और महामाया चतृभुजी दुर्गा का स्थापना है। धाम के द्वार पर नंदि और सामने ही अमलेश्वर क्षेत्र अधिपति भगवान शनि की अद्भूत विग्रह है जो रूद्राक्षा जैसे वृक्ष की छाया में इस धाम पर पधारे हुए है इस धाम में पूर्णतः प्रतिष्ठा 16,17,18 जनवरी 2024 को रखा गया है। जिसमें विद्वान आचार्यों के आचार्यत्व में भगवान श्री को सभी विग्रहो की प्रतिष्ठा होनी है। इसमें महादेव मंडल की प्रसादी के साथ भजन का अद्भुत आयोजन भी है। जिसमें सैकड़ों ग्रामों के तथा अनेक प्रदेशों का श्रद्धालुयों का आगमन होने वाला है।
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