Navratri 2019: : शारदीय नवरात्र 29 सितंबर से शुरू हो चुके हैं। इन नवरात्र में भी चैत्र की तरह मां दुर्गा के नवस्वरूपों की विशेष पूजा और अर्चना की जाती है। नौ दिनों के बाद विजयदशमी से एक दिन पूर्व शारदीय नवरात्र संपनन हो जाते हैं। चेत्र नवरात्र की तरह इसमें भी मां दुर्गा के शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धिदात्री रूपों का पूजन और अर्चन किया जाता है। इस बार शारदीय नवरात्र 29 सितंबर से शुरू होकर 7 अक्टूबर को संपन्न हो जाएंगे।
दुर्गा सप्तशती के मुताबिक, देवताओं ने देवी को अपने हथियार प्रदान किए थे, ताकि वह असुरों के साथ होने वाले युद्ध में विजयी रहें। मां दुर्गा के हाथों में नौ अस्त्र-शस्त्र हैं। आइए जानते हैं कि शत्रुओं को पराजित करने के लिए मा दुर्गा ने किस शस्त्र का इस्तेमाल किया था।
1. त्रिशुल
भगवान शंकर ने दैत्यों से युद्ध के लिए अपने शूल से त्रिशूल निकालकर मां दुर्गा को भेंट किया था। इससे देवी को महिषासुर समेत असुरों का वध करने में मदद मिली थी।
2. चक्र
भगवान विष्णु ने भक्तों की रक्षा करने के लिए देवी को चक्र अर्पण किया था। यह चक्र उन्होंने खुद अपने चक्र से उत्पन्न किया था।
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