Navratri 2019: नवरात्रि का पर्व शुरू हो चुका है। इन दिनों घर-घर मां की उपासना की जा रही है। कई लोग इस दौरान पूरे नौ दिनों तक व्रत रखकर मां अम्बे की अराधना करते हैं। सुबह शाम मां की विधिवत पूजा की जाती है। लेकिन कोई भी पूजा बिना आरती और मंत्रों के अधूरी मानी जाती है। जानिए नवरात्रि में किस आरती और मंत्रों को गाकर माता को किया जाता है प्रसन्न…
मां दुर्गा जी की आरती (Jai Ambe Gauri Aarti) :
जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशिदिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिव री ॥टेक॥
मांग सिंदूर बिराजत टीको मृगमद को।
उज्ज्वल से दोउ नैना चंद्रबदन नीको ॥जय॥
कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गल माला कंठन पर साजै ॥जय॥
केहरि वाहन राजत खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर मुनिजन सेवत तिनके दुःखहारी ॥जय॥
कानन कुण्डल शोभित नासाग्रे मोती।
कोटिक चंद्र दिवाकर राजत समज्योति ॥जय॥
शुम्भ निशुम्भ बिडारे महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना निशिदिन मदमाती ॥जय॥
चौंसठ योगिनि मंगल गावैं नृत्य करत भैरू।
बाजत ताल मृदंगा अरू बाजत डमरू ॥जय॥
भुजा चार अति शोभित खड्ग खप्परधारी।
मनवांछित फल पावत सेवत नर नारी ॥जय॥
कंचन थाल विराजत अगर कपूर बाती।
श्री मालकेतु में राजत कोटि रतन ज्योति ॥जय॥
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