2023 में विवाह का सबसे शुभ मुहूर्त और तिथि देखें यहाँ…
हिंदू धर्म में मुहूर्त अनुसार विवाह करना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। और यह प्रथा सदियों से चली आ रही है, जिसे आज तक निभाया जा रहा है। ऐसा माना जाता है कि जो भी शुभ कार्य शुभ मुहूर्त के अंतर्गत किया जाता है, वह कार्य सफल होता है। और उस कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आती है, इसीलिए विवाह जैसे शुभ कार्य को करने के लिए मुहूर्त का चयन करना बेहद आवश्यक होता है। ताकि विवाहित जोड़ों को आने वाले भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। आपको बता दे कि विवाह शुभ मुहूर्त 2023 में विवाह के लिए कई योग्य मुहूर्त हैं, जिसे 2023 में विवाह करने वाले जातकों को जानना बेहद जरूरी है।
हिंदू धर्म में विवाह का महत्व
हिंदू धर्म में हमारे 16 संस्कार होते हैं, इन संस्कारों में विवाह संस्कार सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि विवाह व्यक्ति का दूसरा जन्म होता है जो वर या वधू सहित दोनों के परिवारों का जीवन पूरी तरह बदल देता है। हिन्दू विवाह शुभ मुहूर्त 2023 की गणना करने के लिये सर्वप्रथम पञ्चाङ्ग शुद्धि होती है। और पञ्चाङ्ग शुद्धि न केवल विवाह के शुभ दिन का अनुमान लगाती है बल्कि विवाह के संस्कारों के लिये शुभ मुहूर्त भी उपलब्ध करवाती है। हिन्दू कैलेण्डर पर आधारित सौर मास और चन्द्र मास साल 2023 के सभी दिनों के लिये, नक्षत्र, योग और करण की शुद्धि कर विवाह के शुभ दिन और मुहूर्त उपलब्ध करवाता है।
इसी के साथ विवाह एक ऐसा बंधन होता है, जो दो लोगों को आपस में जोड़ता है। इसी के साथ दो परिवार आपस में जोड़ते हैं। और कई नए रिश्ते भी बनते हैं। इसीलिए विवाह एक शुभ कार्य माना जाता है, जिसे शुभ मुहूर्त में करना अति आवश्यक होता है ताकि परिवार और विवाहित जोड़े अपने जीवन में खुश रह सकें।
विवाह शुभ मुहूर्त 2023(Shubh muhurat for marriage in 2023)
विवाह करने से पहले कुंडली मिलान करना बेहद ही जरूरी होता है ताकि दोनों लोगों की कुंडली में बनने वाले योगों की गणना की जा सकें। कुंडली मिलान को गुण मिलान भी कहा जाता है। यह विवाह की ओर पहला कदम होता है जब माता-पिता लड़की या लड़के की कुंडली मिलान करने का निर्णय लेते हैं ताकि सुनिश्चित कर सकें कि यूगल संगत है या नहीं।
बता दें कि कुंडली मिलान हजारों वर्षों से भारत की संस्कृति का हिस्सा रहा है और अब भी जारी है। वहीं कुंड़ली में कुल मिलाकर 36 गुण होते हैं, जिन लोगों के अधिक गुण मेल खाते हैं वह अपने जीवनसाथी के साथ उतने ही अनुकूल होते हैं। इसी के साथ यह माना जाता है कि विवाह के सफल होने के लिए कम से कम 8 गुणों का मेल खाना बेहद जरूरी होता है। और जितने अधिक गुण मेल खाते हैं यूगल उतने ही ज्यादा सुखदाई जीवन बिताते हैं। इसी के साथ विवाह शुभ मुहूर्त 2023 के अनुसार अप्रैल, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर महीनों में विवाह के लिए कोई शुभ मुहूर्त नहीं है।
विवाह शुभ मुहूर्त 2023:
विवाह के लिए शुभ नक्षत्र
वैदिक ज्योतिष में सत्ताईस नक्षत्रों होते है। और 27 नक्षत्रों की गणना करते समय अभिजीत नक्षत्र पर विचार नहीं किया जाता।
निम्नलिखित 11 नक्षत्रों को विवाह के लिए शुभ माना जाता है:
रोहिणी (चौथा नक्षत्र)
मृगशीर्ष (पांचवां नक्षत्र)
माघ (10 वां नक्षत्र)
उत्तरा फाल्गुनी (12 वां नक्षत्र)
हस्त (13वां नक्षत्र)
स्वाति (15वां नक्षत्र)
अनुराधा (17वां नक्षत्र)
मूल (19वां नक्षत्र)
उत्तरा आषाढ़ (21वां नक्षत्र)
उत्तरा भाद्रपद (26वां नक्षत्र)
रेवती (27वां नक्षत्र)
जनवरी विवाह शुभ मुहूर्त 2023
विवाह मुहुर्त और तिथियां विवाह का समय नक्षत्र तिथि
15 जनवरी 2023,रविवार शाम 7 बजकर 12 मिनट से सुबह 7 बजकर 15 मिनट तक स्वाती नवमी
18 जनवरी 2023, बुधवार सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शाम 5 बजकर 23 मिनट तक अनुराधा एकादशी, द्वादशी
25 जनवरी 2023, बुधवार रात 8 बजकर 5 मिनट से सुबह 7 बजकर 12 मिनट तक उत्तरभाद्रपद पञ्चमी
26 जनवरी 2023, गुरुवार सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 27 जनवरी सुबह 7 बजकर 12 मिनट तक उत्तर भाद्रपद,
रेवती पञ्चमी, षष्ठी
27 जनवरी 2023,शुक्रवार सुबह 7 बजकर 12 मिनट से शाम 12 बजकर 42 मिनट तक रेवती षष्ठी, सप्तमी
30 जनवरी 2023,सोमवार रात 10 बजकर 15 मिनट से सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक रोहिणी दशमी
फरवरी विवाह शुभ मुहूर्त 2023
विवाह मुहुर्त और तिथियां विवाह का समय नक्षत्र तिथि
6 फरवरी 2023, रविवार रात नौ बजकर 44 मिनट से सुबह 7 बजकर 6 मिनट तक मघा प्रतिपदा,द्वितीया
7 फरवरी 2023, मंगलवार सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शाम 4 बजकर 3 मिनट तक मघा द्वितीया
9 फरवरी 2023, गुरुवार सुबह 7 बजकर 5 मिनट से 10 फरवरी सुबह 7 बजकर 4 मिनट तक उत्तराफाल्गुनी, हस्त चतुर्थी
10 फरवरी 2023, शुक्रवार सुबह 7 बजकर 4 मिनट से शाम 4 बजकर 45 मिनट तक हस्त पंचमी
12 फरवरी 2023, रविवार रात 9 बजकर 50 मिनट से सुबह 2 बजकर 27 मिनट तक स्वाती सप्तमी
13 फरवरी 2023, सोमवार सुबह 2 बजकर 36 मिनट से सुबह 7 बजकर 1 मिनट तक अनुराधा अष्टमी
14 फरवरी 2023,मंगलवार सुबह 7 बजकर 1 मिनट से दोपहर 12 बजकर 26 मिनट तक अनुराधा अष्टमी, नवमी
16 फरवरी 2023, गुरुवार सुबह 6 बजकर 59 मिनट से रात 10 बजकर 53 मिनट तक मूल एकादशी
22 फरवरी 2023, बुधवार सुबह 6 बजकर 54 मिनट से 23 फरवरी सुबह 6 बजकर 53 मिनट तक उत्तर भाद्रपद,रेवती तृतीया,चतुर्थी
23 फरवरी 2023, गुरुवार सुबह 6 बजकर 53 मिनट से दोपहर 2 बजकर 23 मिनट तक रेवती चतुर्थी
27 फरवरी 2023, सोमवार दोपहर 4 बजकर 12 मिनट से 28 फरवरी सुबह 6 बजकर 48 मिनट तक रोहिणी अष्टमी, नवमी
28 फरवरी2023,मंगलवार सुबह 6 बजकर 48 मिनट से 1 मार्च सुबह 6 बजकर 47 मिनट तक मृगशिरा नवमी,दशमी
मार्च 2023 शुभ मुहुर्त
विवाह मुहुर्त और तिथियां विवाह का समय नक्षत्र तिथि
6 मार्च 2023, सोमवार सुबह 6 बजकर 41 मिनट से शाम 4 बजकर 17 मिनट तक मघा चतुर्दशी
9 मार्च 2023,गुरुवार रात नौ बजकर 8 मिनट से 10 मार्च सुबह 5 बजकर 57 मिनट तक हस्त तृतीया
11 मार्च 2023,शनिवार सुबह 7 बजकर 11 मिनट से शाम 7 बजकर 52 मिनट तक स्वाती चतुर्थी
13 मार्च 2023, सोमवार सुबह 8 बजकर 21 मिनट से रात नौ बजकर 27 मिनट तक अनुराधा षष्ठी
अप्रैल 2023 शुभ मुहुर्त
अप्रैल 2023 में विवाह के लिए कोई भी शुभ मुहुर्त नही है।
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