लिङ्गाष्टकं स्तोत्र
लिङ्गाष्टकं स्तोत्र: ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ 1 ॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् ।…

ग्रहों का प्रभाव केवल भविष्य नहीं बताता, बल्कि सही दिशा भी देता है।
लिङ्गाष्टकं स्तोत्र: ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ 1 ॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् ।…
श्री शिव सहस्त्रनाम ॐ स्थिराय नमः। ॐ स्थाणवे नमः। ॐ प्रभवे नमः। ॐ भीमाय नमः। ॐ…
॥ शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनायभस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बरायतस्मै न काराय नमः शिवाय॥1॥ मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चितायनन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय।…
॥ श्रीशिवरक्षास्तोत्रम् ॥ ॥ विनियोग ॥ श्री गणेशाय नमः॥ अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य याज्ञवल्क्य ऋषिः॥ श्री सदाशिवो देवता॥…
जटा-अटवी-गलत्-जल-प्रवाह-पावित-स्थले गले-अवलम्ब्य लम्बितां भुजंग-तुङ्ग-मालिकाम् डमड्-डमड्-डमड्-डमत्-निनाद-वड्डमर्वयं चकार चण्ड-ताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥1॥ जटा-कटाह-सम्भ्रम-भ्रमत्-निलिम्प-निर्झरी विलोल-वीचि-वल्लरी-विराजमान-मूर्धनि धगत्-धगत्-धगज्ज्वलत्-ललाट-पट्ट-पावके किशोर-चन्द्र-शेखरे…
श्रीअमलेश्वर वीर-स्तवः कालातिगं कलुषप्रशमन्यनाथं, निर्मायिकं वपुर्निखिलं स्वदीपम्। अम्लानशुद्धमनसं परमेशमीडे, खारूनतीरनिलयं शरणं प्रपद्ये॥ भीमार्जुनाद्ययुधवीरवरानुकूलं, द्रौपद्यनन्दनसुतार्तिहरं दयालुम्।…
यह रहा आपके मूल श्लोक — "कालान्तरातीतममलत्वरूपं, अमलेश्वरं भावये ध्याननिष्ठ।" — के आधार पर रचित एक…
🔱 "महाराज विक्रमादित्य और अमलेश्वर की मौन आराधना" (ऐतिहासिक-संकेतों और दंतकथाओं पर आधारित सत्य के निकट…
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