नकारात्मक प्रभाव दूर करने के लिए करें ये उपाय
Colours For Happiness: आपने किस रंग के कपड़े पहने है, इससे आपके व्यक्तित्व को समझा जा सकता है. रंगों के ऊपर हुए विभिन्न शोधों से पता चलता है कि अलग-अलग तरह के रंग अलग-अलग ग्रहों के अशुभ और नकारात्मक प्रभाव को दूर करने में सहायक होते हैं. रंगों का हमारे जीवन में काफी महत्व होता है।
रंगों से अपने शरीर और घर पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है.हमारे जीवन में रंगों (Colours) का एक विशेष महत्व होता है. आपने किस रंग के कपड़े पहने हैं. इससे आपके व्यक्तित्व (Personality) को समझा जा सकता है. रंगों के ऊपर हुए विभिन्न शोधों से पता चलता है कि अलग-अलग तरह के रंग अलग-अलग ग्रहों के अशुभ और नकारात्मक प्रभाव को दूर करने में सहायक होते हैं. रंगों का हमारे जीवन में काफी महत्व होता है. रंगों से अपने शरीर और घर पर पड़ने वाले नकारात्म प्रभाव को कम किया जा सकता है. रंगों के इस्तेमाल से कई बीमारियों और समस्याओं से छुटकारा प्राप्त किया जा सकता है।
यदि बात करें अंक ज्योतिष की तो इसके आधार पर यदि आपके ऊपर एक अंक का प्रभाव कम हो तो आप सुनहरा पीला, गुलाबी या भूरे रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं. किसी भी व्यक्ति पर एक अंक का प्रभाव कम होने से आंख, हड्डी या हृदय के रोग होने की संभावना बढ़ जाती है, और यदि किसी व्यक्ति की जन्म पत्री में गुरु की स्थिति अच्छी ना हो या फिर 3 अंक का प्रभाव उसकी जन्मपत्री में कम नजर आता है तो ऐसे व्यक्ति को लीवर से संबंधित बीमारियां, वंश की वृद्धि में कमी और ज्ञान की कमी रहती है.ऐसे व्यक्ति को केसरिया रंग, पीला या क्रीम कलर का इस्तेमाल करना चाहिए. इसी के साथ यदि आप की जन्मपत्री में राहु कमजोर हो या 4 अंक का प्रभाव कम हो तो ऐसे व्यक्ति को स्नायु तंत्र से संबंधित बीमारियां जैसे लकवा, पोलियो जैसी बीमारियां हो सकती हैं, इस स्थिति मैं आपको नीले रंग का इस्तेमाल करना चाहिए।
You have read half of this article
Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.
Log in & read more New here? Create a free accountLog in to read more
You have read 50% of this article for free. Log in once to read the rest – and every astrology, Vastu and horoscope article on Future For You.
- Completely free – no charges
- One click with Google, or mobile OTP
- Straight back to this article after login