धन हानि से पाना चाहते है मुक्ति तो करें ये उपाय ?
आज के समय में एक दूसरे को देखकर अच्छे रहन-सहन की प्रतियोगिता बढ़ गई है, जिसके चलते हर व्यक्ति अपने और अपने परिवार के लिए धन-दौलत और ऐशो-आराम चाहता है, और इसके लिए वह कड़ी से कड़ी मेहनत और प्रयास करता रहता है. पंरतु कई बार हर तरह की कोशिशें करने के बाद भी व्यक्ति को धन प्राप्त नहीं होता या फिर कमाया गया धन उसके पास नहीं रुकता. ऐ
धन हानि से मुक्ति का उपाय
- यदि बार-बार धन हानि हो रही हो तो गुरूवार को घर के मुख्य द्वार पर गुलाल छिड़क कर गुलाल पर घी का दो मुख वाला दीपक जलाएं दीपक जलाते समय यह प्रार्थना करें कि भविष्य में घर में कभी भी धन हानि न हो जब दीपक जलना बन्द हो जाए तो दीपक को बहते जल में प्रवाहित कर दें।
- अगर वास्तुदोष के कारण आप कर्ज से छुटकार नहीं मिल पा रहा है तो इसका सबसे सरल उपाय है कि आप अपने घर या दुकान में उत्तर दिशा में मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की मूर्ति लगाएं और उनका पूजन करें। ऐसा करने से कर्ज से मुक्ति मिलेगी और धन लाभ होगा।
- अगर लंबे समय से कर्ज से परेशान हैं तो ध्यान दें कहीं आपने अपने घर या दुकान का रंग नीला तो नहीं करवा रखा है। ऐसा करने से धन की हानि होती है तथा कर्ज बना रहता है।
- कर्ज और धन हानि से छुटकारा पाने के लिए आप अपने घर या दुकान में तिजोरी या गल्ला उत्तर दिशा में रखना चाहिए।
- अगर आप पर बार-बार कर्ज चढ़ जा रहा हो तो वास्तु के अनुसार आपको कर्ज की किस्त मंगलवार के दिन चुकाना चाहिए। ऐसा करने से कर्ज का बोझ जल्दी दूर होता है।
- वास्तु के अनुसार खाना खाने के बाद बर्तन जूठे ही छोड़ देना धन हानि या कर्जे का कारण बनता है। कोशिश करनी चाहिए की खाना खाने के बाद बर्तन को जितना जल्दी हो साफ कर देना चाहिए या फिर उनमें पानी डाल कर रखें।
- घर या दुकान में शीशा उत्तर-पश्चिम दीवार पर लगाना चाहिए। ऐसा करने से कर्ज के बोझ से मुक्ति मिलती है।
You have read half of this article
Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.
Log in & read more New here? Create a free accountMembers only
Log in to read more
You have read 50% of this article for free. Log in once to read the rest – and every astrology, Vastu and horoscope article on Future For You.
- Completely free – no charges
- One click with Google, or mobile OTP
- Straight back to this article after login