“शायद ही ऐसा कोई होगा जो अमीर बनने के ख्वाब ना देखता हो, जानिये कुछ चमत्कारिक उपाय के बारे में जिससे आप भी बहुत धन कमा सकते है”
आज शायद ही ऐसा कोई इंसान होगा जो अमीर बनने के ख्वाब ना देखता हो। वर्तमान समय में धन की मनुष्य के जीवन की मूल जरूरत और उद्देश्य बन गया है। कुछ लोगों को जन्म से ही धन का भंडार मिल जाता है तो कुछ लोगों को धन कमाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।
अगर आप भी धन की कामना रखते हैं तो ज्योतिषशास्त्र में एक ऐसा उपाय है जिसकी मदद से आप अपने जीवन में धन की कमी को दूर कर सकते हैं। जी हां, ये चमत्कारिक उपाय आपके जीवन के सभी कष्टों को दूर करके आपको सफलता और समृद्धि प्रदान करता है।
तो चलिए जानते हैं इस चमत्कारिक उपाय के बारे में।
मां लक्ष्मी का श्रीयंत्र
धन प्राप्ति के लिए हम जिस चमत्कारिक उपाय के बारे में बात कर रहे हैं वो स्वयं मां लक्ष्मी का स्वरूप कहा जाने वाला श्रीयंत्र है। प्राचीन समय से देवी-देवताओं के पूजन का विधान है और इन्हीं में से एक है यंत्रों की पूजा करना। यंत्रों में श्रीयंत्र को सर्वोपरि माना गया है और इसलिए अगर आप श्रीयंत्र की पूजा करते हैं तो आपको निश्चित ही लाभ होगा।
धन की कमी होती है दूर
श्रीयंत्र की अधिष्ठात्री देवी महात्रिपुर सुंदरी को माना जाता है। श्रीयंत्र के रूप में इन्हीं की पूजा की जाती है और मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस यंत्र की पूजा करता है उसे मोक्ष और भोग दोनों की ही प्राप्ति होती है। अगर कोई व्यक्ति पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव से इस यंत्र की उपासना करता है तो उसके सभी प्रकार के आर्थिक दुख दूर हो जाते हैं। इस यंत्र की पूजा, भगवान विष्णु की अर्धांगिनी महालक्ष्मी के रूप में भी की जाती है। अगर आप भौतिक सुखों की प्राप्ति चाहते हैं तो मां लक्ष्मी की श्रीयंत्र के स्वरूप में उपासना जरूर करें।
किवंदती है कि श्रीयंत्र की दक्षिणाम्नाय उपासना करने से मनुष्य को भोग की प्राप्ति होती है और जो ऊर्ध्वाम्नाय उपासना करता है उसे मां लक्ष्मी की कृपा से मोक्ष प्राप्त होता है। अगर आप मोक्ष पाना चाहते हैं तो इसके लिए श्रीयंत्र की उपासना से ज्यादा सरल और कोई उपाय नहीं है। श्रीयंत्र को मूल रूप से पार्वती अर्थात् अंबिका कहा जाता है।
श्रीयंत्र की पूजन विधि
सुबह उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के पश्चात् श्रीयंत्र की स्थापना की तैयारी करें। पूजन स्थल में आसन बिछाकर बैठ जाएं और अपने घर के पूजन स्थल में लाल रंग के वस्त्र पर ही श्रीयंत्र को स्थापित करना है। इस पर गंगाजल और दूध छिड़कें। आप चाहें तो श्रीयंत्र को अपनी तिजोरी, अलमारी या दुकान आदि में भी रख सकते हैं। पंचामृत, दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से श्रीयंत्र को स्नान करवाएं।
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