Know Today • Plan Tomorrow • Live Better
Home Articles Remedies
Remedies

जानें,महादेव पर बेलपत्र क्यों चढ़ाया जाता है ?

जानें,महादेव पर बेलपत्र क्यों चढ़ाया जाता है ?

जानें,महादेव पर बेलपत्र क्यों चढ़ाया जाता है ?

बेलपत्र भगवान शंकर को बहुत प्रिय है। शिव के हर अनुष्ठान में बेलपत्र का उपयोग होता है। बेलपत्र चढ़ाने से महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों को कष्ट, बाधा, परेशानियों से मुक्त करते हैं।ऐसी मान्यता है कि तीन पत्तियों वाला बेलपत्र त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का  प्रतीक है। यह महाकाल के त्रिशूल और त्रिनेत्र का भी प्रतीक माना जाता है। बेलपत्र पवित्र और शीतल होता है, बेलपत्र और जल चढ़ाने से भगवान शंकर का मस्तिष्क ठंडा रहता है। शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से जुड़ी कई पौराणिक कथा है।

भगवान शिव को सोमवार का दिन अतिप्रिय है इसलिए ये दिन उन्हें समर्पित होता है। महादेव को भोलेनाथ भी बोला जाता है, क्योंकि वे इतने भोले हैं कि श्रद्धालु के श्रद्धाभाव से चढ़ाए हुए जल से ही खुश हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त महादेव की आराधना में बेलपत्र की भी खास अहमियत होती है। माना जाता है कि अगर शिव जी के श्रद्धालु केवल बेलपत्र या जल ही नियमित रूप से उन्हें अर्पित करें तो वे श्रद्धालुओं के सारे दुख दूर कर देते हैं। किन्तु क्या आपने सोचा है कि आखिर बेलपत्र शिव को इतनी पसंद क्यों है तथा उनका जलाभिषेक क्यों किया जाता है? आइए आपको बताते हैं।

ALSO READ  Ganesh Chaturthi 2026 Horoscope: What are Bappa bringing for the 12 zodiac signs?

दरअसल समुद्र मंथन के समय जब हलाहल जगह निकला तो उसके प्रभाव से दुनिया का विनाश होने लगा। इसे रोकने के लिए शिव जी ने हलाहल को पीकर अपने कंठ में रोक लिया। इसके कारण से उन्हें बहुत जलन होना आरम्भ हो गई तथा कंठ नीला पड़ गया। चूंकि बेलपत्र विष के असर को कम करता है लिहाजा देवी-देवताओं ने उनकी जलन को कम करने के लिए उन्हें बेलपत्र देना आरम्भ किया तथा शिव जी बेलपत्र चबाने लगे। इस के चलते उनके सिर को ठंडा रखने के लिए जल भी चढ़ाया गया। बेलपत्र और जल के असर से भोलेनाथ के शरीर में पैदा हुई गर्मी शांत हो गई। तत्पश्चात उनका एक नाम नीलकंठ भी पड़ गया। तभी से शिव जी पर जल एवं बेलपत्र चढ़ाने की प्रथा आरम्भ हो गई।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now