मनुष्य का सबसे बड़ा संबल उसका आत्मविश्वास ही होता है |आत्मविश्वास वस्तुतः एक मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति है | आत्मविश्वास एक अद्भुत शक्ति होती है | आत्मविश्वास कम होता है तो इससे हीनभावना जागृत होती है | जिंदगी में कामयाब होने के लिए सबसे जरूरी है आत्मविश्वास | आत्म विश्वास में वह शक्ति है, जो सहस्रों विपत्तियों का सामना कर उनमें विजय प्राप्त करा सकती है | निर्धन का धन, असहाय का सहायक, अशक्त की सामर्थ्य यदि कोई है तो वह उसका आत्म- विश्वास ही हो सकता है | क्यो किसी में आत्मविश्वास कम होता है और किसी में ज्यादा | आत्मविश्वास तथा आत्मनिर्णय को विकसित कैसें करें, इसे ग्रहों से जानेंगे | किसी भी जातक की कुंडली में लग्न, दूसरे, तीसरे तथा एकादश स्थान के ग्रहों से कर्म और मनोबल को जाना जा सकता है | अगर किसी जातक की कुंडली में लग्न या तीसरा स्थान विपरीतकारक अथवा प्रतिकूल हो जाए | अथवा इस स्थान पर क्रूर ग्रह हो या पाप प्रभाव में हो | जातक के जीवन में आत्मविश्वास तथा आत्मसंयम की कमी के कारण जीवन में सफलता दूर रहती है | इसी प्रकार एकादश स्थान का स्वामी क्रूर ग्रहों से पापक्रांत हो अथवा छठवे, आठवे या बारहवे स्थान में हो | अनियमित दिनचर्या के कारण समय तथा क्षमता का उपयोग नहीं कर पाते, और आत्मबल कमजोर क्र लेते हैं…
उपाय – मन के लिए मन के कारक ग्रह चंद्रमा का मंत्रजाप ॐ नम: शिवाय का जाप करें …
-चन्द्र को अर्ध्य देकर दूध का दान करें ..
– अनुशासन रखना चाहिए..
– नावाड मन्त्र का जाप करें…
– तीसरे स्थान के ग्रह अथवा बुध के लिए पन्ना धारण करें …
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