श्री महाकाल धाम में महाशिवरात्रि के दुर्लभ महायोग में होगा महारुद्राभिषेक
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रायपुर। करीब तीन सौ साल के बाद इस बार महाशिवरात्रि के दिन दुर्लभ संयोग बन रहा है। शिव-पार्वती विवाह के इस विशेष दिन रायपुर के अमलेश्वर स्थित श्री महाकाल धाम में दुर्लभ महायोग में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान कराए जा रहे हैं। 8 मार्च को इस दिन सुबह ब्रम्ह मुहूर्त से लेकर रात्रि पर्यंत भगवान की सेवा रात्रि जागरण और अगले दिन पूजन हवन आरती पुष्पांजलि आदि होगी रात्रि में संगीत का कार्य क्रम भी होगा। श्री महाकाल धाम के सर्वराकार पंडित प्रियाशरण त्रिपाठी का कहना है कि 300 बरस बाद बन रहे इस दुर्लभ महायोग के मौके पर मकर राशि में मंगल और चंद्रमा की युति हो रही है। जिससे चंद्र मंगल योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही कुंभ राशि में शुक्र, शनि और सूर्य की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही मीन राशि में राहु और बुध की युति हो रही है। ऐसा संयोग कई राशियों के जीवन में खुशियां ही खुशियां ला सकता है।

8 मार्च को महाशिवरात्रि के पुण्य मौके पर श्री महाकाल धाम में एक पंचाशत राहु काल सर्प यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही दुर्लभ महायोगों में महारुद्राभिषेक भी कराया जाएगा। इस बार महाशिवरात्रि के साथ शुक्र प्रदोष व्रत भी है। जिससे इसका महत्व कहीं अधिक बढ़ गया है। साथ इस दिन शिव योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। इन योगों में किए गए पूजा-पाठ और शुभ कार्य का कई गुना ज्यादा फल मिलता है। ग्रह संयोग कुछ ऐसा है कि इस बार महाशिवरात्रि पर शनिदेव अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान है। साथ ही सूर्यदेव अपने पुत्र एवं आदर्श शत्रु शनि की राशि कुंभ में चन्द्रमा के साथ विराजित रहेंगे। ग्रहों की ये स्थिति त्रिग्रही योग का निर्माण कर रही है, जो कि फलदायी है।

ये है शुभ मुहूर्त
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