जीवन में परेशानियों का लगे रहने से मनुष्य वह नहीं कर पाता जो करना चाहता. असफलता और समय से पीछे चलने का सबसे बड़ा कारण यही है. इसका कारण है कुंडली में जैसी ग्रहों की अवस्था, वैसी ही हमारी स्थिति.
नई दिल्ली: जीवन में परेशानियों का लगे रहने से मनुष्य वह नहीं कर पाता जो करना चाहता. असफलता और समय से पीछे चलने का सबसे बड़ा कारण यही है. हर कोई अपनी तरफ से कोशिश करता है. लेकिन जरूरी नहीं है कि कोशिश सफल ही हो जाये. हमारे जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव ग्रह नक्षत्रों का पड़ता है. कुंडली में जैसी ग्रहों की अवस्था वैसी ही हमारी स्थिति.
जीवन में सफलता पाने के लिए करें ये उपाय
जीवन में सफलता के लिए शांति बड़ी जरूरी है. अगर शांति मिल गई तो आपकी आधी परेशानी खत्म हो गई. प्रतिदिन आप रोटी का तीन टूकड़ा जरूर निकालिए. यह सरल उपाय आपको कई ग्रहों का साथ दिलाएगा. एक टुकड़ा गाय को, एक टुकड़ा कुत्ता को और एक टुकड़ा कौए को डाल दीजिए. इसे आप रूटिन में कीजिए और लम्बे समय तक कीजिए. यह उपाय इससे संबंधित ऊर्जाओं को एकत्रित कर देगा. जिससे आप अपने जीवन में परेशानियों का हल निकाल सकते हैं. विशेषकर जो ऊर्जा नियंत्रण से बाहर हो जाती है, उसको आप काबू में कर सकते हैं.
यह ऊर्जा शुक्र की है, शनि की है, राहु और केतु की है. विपरीत परिस्थितियों में हमें इन्हीं ग्रहों से संबंधित ऊर्जाओं से नुकसान पहुंचता है. और कई परेशानियों से हम घिर जाते है. यह उपाय करके देखिए आपको लाभ होगा.
कुंडली में बन रहा चंद्रमा-राहु योग, तो करें ये काम
आपकी कुंडली में चंद्रमा और राहु का योग बना हुआ है. यही कारण है कि आपके मन में बार-बार नकारात्मक विचार उत्पन्न हो रहे है. आत्म हत्या का विचार करने का मतलब है आप अपने वर्तमान जीवन से उम्मीद छोड़ चुके हैं. पॉजिटिव आपके लिए यह है कि आपका बृहस्पति मजबूत है और आपको ऐसा करने से रोक रहा है. बृहस्पति आपको सही और गलत पर विचार विमर्श करने को कह रहा है.
You have read half of this article
Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.
Log in & read more New here? Create a free accountLog in to read more
You have read 50% of this article for free. Log in once to read the rest – and every astrology, Vastu and horoscope article on Future For You.
- Completely free – no charges
- One click with Google, or mobile OTP
- Straight back to this article after login