वासुकी नामक कालसर्पयोग –
तृतीय से नवम पर्यन्त वाली ग्रह-स्थिति के कारण वासुकी नामक कालसर्पयोग बनता है। इस योग के कारण जातक को कुटुम्ब,भाई-बहनों की ओर से परेशानी रहेती है। मित्रों से धोखा मिलता है।नौकरी-धन्धें में उलझने बनी रहती है। भाग्य का पूर्ण सुख नहीं मिलता। धन कमाता है पर बदनामी साथ लगी रहती है। आत्मीय परिजनो के कारण कोई न कोई मुसीबत एंव मानसिक तनाव बना रहता है। किसी काम में वंश नहीं मिलता।यश,पद -प्रतिष्ठा व पराक्रम प्राप्ति के लिए संघर्ष बना रहता है।
वासुकी काल सर्प दोष का प्रभाव
कुंडली में तीसरा घर, भाई-बहन, बहादुरी, निडरता, प्रतिभा, पड़ोसियों के लिए
रिश्तेदारों, दोस्तों, रक्षा विभाग और संचार आदि से संबंधित है |
कुंडली में नवां घर, भाग्य, अचानक से अच्छी घटनाओं का होना, पिता, धर्म, दान, अधिकारी आदि से संबंधित है |
इस दोष के नकारात्मक प्रभाव के कारण व्यक्ति को बहुत अधिक संघर्ष करना पड़ सकता है |
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