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जानिए अनंत चतुर्थी के दिन गणेश विसर्जन का सही समय और शुभ मुहूर्त, पढ़ें व्रत की महिमा और विधान

जानिए अनंत चतुर्थी के दिन गणेश विसर्जन का सही समय और शुभ मुहूर्त, पढ़ें व्रत की महिमा और विधान

Anant Chaturdashi Ganesha Visarjan: आज अनंत चतुर्दशी है और इस खास दिन श्री विष्‍णु के अनंत रूप की उपासना की जाती है। अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान के अनंत स्‍वरूप के लिए व्रत रखा जाता है। साथ ही इस दिन अनंत सूत्र भी बांधा जाता है। मान्‍यता के अनुसार अनंत सूत्र पहनने से मनुष्‍य के सभी दुखों और परेशानियों का नाश होता है और जीवन में खुशियां आती हैं।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार अनंत चतुर्दशी हर साल भादो माह शुक्‍ल पक्ष की चौदस यानी कि 14वें दिन मनाई जाती है। गणेश चतुर्थी के 10 दिन बाद 11वें दिन अनंत चतुर्दशी आती है।

अनंत चतुर्दशी(Anant Chaturdashi) 2019 तिथि और शुभ मुहूर्त:

  • तिथि: दिनांक 12 सितंबर को अनन्त चतुर्दशी है
  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: प्रातः 05 बजकर 05 मिनट पर चतुर्दशी आरम्भ होगा
  • चतुर्दशी तिथि समाप्‍त: 13 सितंबर को 07 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगा
  • जो लोग अनंत चतुर्दशी व्रत रखेंगे वो 13 को 07 बजकर 34 मिनट के बाद पारण करेंगे
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करें इस मंत्र का जाप-
अनंत संसार महासुमद्रे मग्रं समभ्युद्धर वासुदेव।
अनंतरूपे विनियोजयस्व ह्रानंतसूत्राय नमो नमस्ते।।

अनंत चतुर्दशी की पूजा विधि 
प्रातः ब्रम्हमुहूर्त में उठना चाहिए। पूजा घर में कलश स्थापित करिए। भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति के सामने अनंत धागा रखें। अब श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें। इस दिन पूड़ी हलवा भी बनता है। दान करके तब प्रसाद ग्रहण किया जाता है। व्रत के समय मन को सात्विक रखें। किसी से छल कपट मत करें। असत्य मत बोलें।

अनंत चतुर्दशी के दिन गणपति विजर्सन की परंपरा
अनंत चतुर्दशी के ही दिन गणेश की प्रतिमा का विसर्जन भी होता है। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। विनायक की प्रतिमा को उठाने से पहले उनकी विधिवत पूजा की जाती है और मोदक का भोग लगाया जाता है। महाराष्ट्र सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में गणेश चतुर्थी की बड़ी मान्‍यता है। ऐसे में गणेश की प्रतिमा को 3, 5, 7, 10 दिन के बाद पानी में विसर्जित कर दिया जाता है।

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