जब गुरू दुसरे भाव में हो तो इसका प्रभाव
गुरू दुसरे भाव में 1.मेष लग्न - गुरू द्वादशेश - नवमेश होकर दूसरे भाव में वृष राशि में स्थित होगा।…

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