Know Today Plan Tomorrow Live Better
Home Articles Planets
Planets

रामनवमी पर 118 साल बाद ग्रहों के दुर्लभ योग शनि की मकर राशि में गुरु, बन रहे हैं 2 शुभ योग

रामनवमी पर 118 साल बाद ग्रहों के दुर्लभ योग शनि की मकर राशि में गुरु, बन रहे हैं 2 शुभ योग

गुरुवार, 2 अप्रैल को रामनवमी है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी पर श्रीराम प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। त्रेता युग में इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया था।  इस साल राम नवमी पर कई दुर्लभ योग बन रहे हैं। इस समय मकर राशि में गुरु स्थित है। शनि की राशि मकर में गुरु और राम नवमी का योग 118 साल बाद बना है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग भी रहेगा। इन शुभ योगों में की गई पूजा पाठ जल्दी सफल होती है।

ALSO READ  अपने भवन या घर में वास्तु दोष कैसे पहचाने

रामनवमी पर ग्रहों के दुर्लभ योग

118 साल पहले 16 अप्रैल 1902 को रामनवमी पर गुरु शनि की मकर राशि में था। इसके बाद 2020 में ये योग बना है। इसके अलावा 854 साल बाद मकर राशि में मंगल, गुरु और शनि एक साथ स्थित हैं। इन तीनों ग्रहों के इस युति में राम नवमी का योग 854 साल बाद बना है। गुरु अपनी नीच राशि में, मंगल उच्च राशि और शनि स्वराशि में स्थित है। 17 अप्रैल 1166 को राम नवमी पर गुरु, मंगल और शनि की युति मकर राशि में बनी थी।

ये हैं श्रीराम जन्म की संक्षिप्त कथा

त्रेता युग में रावण का आतंक बहुत बढ़ गया था। सभी देवी-देवता और पृथ्वी वासी रावण की वजह से त्रस्त थे। उस समय अयोध्या के राजा दशरथ थे। राजा दशरथ के यहां कोई पुत्र नहीं था। तब उन्होंने पुत्रेष्टि यज्ञ करवाया। इस यज्ञ से खीर उत्पन्न हुई। इस खीर का सेवन दशरथ की तीनों रानियों कौशल्या, कैकयी और सुमित्रा ने किया। इसके प्रभाव से कौशल्या ने श्रीराम को, कैकयी ने भरत को, सुमित्रा ने लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म दिया। भगवान विष्णु ने रावण का अंत करने के लिए श्रीराम के रूप में अवतार लिया।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now