जानें,मोती धारण करने के चमत्कारी फ़ायदे
रत्न प्रकृति के वो अनमोल उपहार हैं, जिन्हें धारण करने से आपके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आता है और नवग्रहों से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं। चंद्रमा के रत्न मोती की शुभता को पाने के लिए क्या कुछ होते हैं नियम —
नवग्रहों की शुभता बढ़ाने और अशुभता को दूर करने में रत्नों की अहम भूमिका निभाते हैं। ये प्रकृति के वो अनमोल उपहार हैं, जिन्हें धारण करने से आपके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आता है और नवग्रहों से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती हैं। दुनिया भर में पाए जाने वाले विभिन्न रत्नों को धारण करने की अपनी अलग-अलग मान्यताएं हैं। मसलन भारतीय ज्योतिष में किसी भी जातक की जन्म राशि, नाम राशि, जन्म नक्षत्र, जन्मतिथि आदि को ध्यान में रखते हुए रत्न धारण करने के लिए बताया गया है।
किसी भी व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की शुभता और अशुभता के अनुसार ही रत्नों को धारण करने की सलाह दी जाती है। आइए जानते हैं कि किसी रत्न को खरीदने से लेकर पहनने तक के महत्वपूर्ण नियम इसके धारण करने से मात्री पक्ष से मधुर सम्बन्ध तथा लाभ प्राप्त होते है! मोती धारण करने से आत्म विश्वास में बढहोतरी भी होती है ! हमारे शरीर में द्रव्य से जुड़े रोग भी मोती धारण करने से कंट्रोल किये जा सकते है जैसे ब्लड प्रशर और मूत्राशय के रोग,लेकिन इसके लिए अनुभवी ज्योतिष की सलाह लेना अति आवशयक है, क्योकि कुंडली में चंद्र अशुभ होने की स्तिथि में मोती नुक्सान दायक भी हो सकता है!पागलपन जैसी बीमारियाँ भी कुंडली में स्थित अशुभ चंद्र की देंन होती है , इसलिए मोती धारण करने से पूर्व यह जान लेना अति आवशयक है की हमारी कुंडली में चंद्र की स्थिति क्या है! छोटे बच्चो के जीवन से चंद्र का बहुत बड़ा सम्बन्ध होता है क्योकि नवजात शिशुओ का शुरवाती जीवन , उनकी कुंडली में स्थित शुभ या अशुभ चंद्र पर निर्भर करता है! यदि नवजात शिशुओ की कुंडली में चन्द्र अशुभ प्रभाव में हो तो बालारिष्ठ योग का निर्माण होता है! फलस्वरूप शिशुओ का स्वास्थ्य बार बार खराब होता है, और परेशानिया उत्त्पन्न हो जाती है , इसीलिए कई ज्योतिष और पंडित जी अक्सर छोटे बच्चो के गले में मोती धारण करवाते है।
You have read half of this article
Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.
Log in & read more New here? Create a free accountLog in to read more
You have read 50% of this article for free. Log in once to read the rest – and every astrology, Vastu and horoscope article on Future For You.
- Completely free – no charges
- One click with Google, or mobile OTP
- Straight back to this article after login