मंगल नवम भाव में
कुण्डली में अगर मंगल नवम भाव में हो तो धन का अपव्यय होगा,मगर जीवन में मकान अवश्य बनेगा। घरेलू लड़ाई झगड़े भी पैदा होंगे। माता के लिए भी मंगल शुभ न होगा। अतः मूंगा धारण करने से मंगल का शुभ-अशुभ दोनों प्रभाव प्रबल हो जाएंगे।
1.मेष लग्न – इन कुण्डली में मंगल लग्नेश होकर भाग्य होकर भाग्य भाव में स्थित होता अतः मूंगा धारण करने से भाग्य में वृद्धि होगी। विदेश यात्रा का योग बन सकता है।
2.वृष लग्न – मंगल सप्तमेश-द्वादशेश होकर भाग्य भाव में स्थित होगा,मंगल अपनी उच्च राशि में होगा अतः मूंगा धारण करने से भाग्य में वृद्धि होगी।शादि के बाद भाग्योदय होगा।
3.मिथुन लग्न – मंगल षष्ठेश-लाभेश होकर भाग्य भाव में स्थित होगा,मगर शत्रु राशि कुम्भ में होगा। मूंगा धारण करना लाभकारी न होगा।
4.कर्क लग्न – मंगल पंचमेश-दशमेश होकर भाग्य भाव में मीन राशि में स्थित होगा। मूंगा धारण करने से सन्तान सुख मिलेगा तथा कारोबार में वृद्धि होगी।
5.सिंह लग्न – मंगल चतुर्थेश भाग्येश होकर भाग्य भाव में मेष राशि में स्थित होगा। मूंगा धारण करना लाभकारी है। प्रापर्टी मकान,वाहन मिलेगा
6. कन्या लग्न – मंगल तृतीयेश-अष्टमेश होकर भाग्य भाव में वृष राशि में स्थित होगा। मूंगा धारण करना लाभकारी है।
7.तुला लग्न – मंगल द्वितीयेश-सप्तमेश होकर भाग्य भाव में स्थित होगा। मूंगा धारण करना जहां धन सम्पत्ति का सुख देता है। वहां धन का व्यय भी बढ़ायेगा। शादि के पहले मूंगा धारण करने से दुल्हन आपके लिए भाग्यवर्धक साबित होगी।
आप इस लेख का आधा भाग पढ़ चुके हैं
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें। खाता बनाना पूरी तरह निःशुल्क है – Google या मोबाइल OTP से, एक मिनट में।
लॉगिन करें और आगे पढ़ें नया यूज़र? निःशुल्क खाता बनाएँआगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें
इस लेख का 50% भाग आपने निःशुल्क पढ़ लिया। बाकी लेख, और Future For You के सभी ज्योतिष, वास्तु व राशिफल लेख पढ़ने के लिए बस एक बार लॉगिन करें।
- पूरी तरह निःशुल्क – कोई शुल्क नहीं
- Google से एक क्लिक, या मोबाइल OTP
- लॉगिन के बाद सीधे इसी लेख पर वापस