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नवग्रहो के प्रकोप से बचने के लिए करें ये कार्य?

नवग्रहो के प्रकोप से बचने के लिए करें ये कार्य?

नवग्रह के प्रकोप से बचने के लिए करें ये बेहद सरल और असरदार उपाय

ब्रह्मांड में ग्रहों की चाल सिर्फ आसमान में ही नहीं बदलती, बल्कि हमारे जीवन पर भी गहरा प्रभाव डालती है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु — ये नौ ग्रह मिलकर व्यक्ति के जीवन, मन, स्वास्थ्य, धन, करियर और रिश्तों को प्रभावित करते हैं। जब किसी ग्रह की स्थिति कमजोर या प्रतिकूल होती है, तो इसे ग्रहदोष या ग्रहों का प्रकोप कहा जाता है।

अगर नवग्रहों का संतुलन बिगड़ जाए तो व्यक्ति के जीवन में कई चुनौतियाँ सामने आने लगती हैं—

  • अचानक तनाव

  • आर्थिक समस्याएँ

  • रिश्तों में गलतफहमियाँ

  • करियर में रुकावट

  • स्वास्थ्य बिगड़ना

  • मानसिक अशांति

  • लगातार असफलता

लेकिन अच्छी बात यह है कि ज्योतिष और आध्यात्मिक उपायों के जरिए इन ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा को काफी हद तक शांत किया जा सकता है।

नवग्रह का प्रकोप क्या होता है?

जब किसी व्यक्ति की कुंडली में किसी ग्रह की स्थिति अशुभ बन जाती है या ग्रहों की दृष्टि खराब प्रभाव डालने लगती है, तो उसे ग्रहों का प्रकोप कहा जाता है। यह प्रकोप परिस्थितियों को चुनौतीपूर्ण बना देता है।
जैसे—

  • सूर्य कमजोर हो तो सम्मान घटता है।

  • चाँद अशांत हो तो मन बेचैन रहता है।

  • मंगल खराब हो तो गुस्सा बढ़ता है और हादसे होते हैं।

  • शनि का प्रकोप हो तो मेहनत का फल देर से मिलता है।

  • राहु-केतु भ्रम, तनाव और अचानक घटनाएँ लाते हैं।

कैसे पहचानें कि कौन-सा ग्रह कष्ट दे रहा है?

कुछ मुख्य संकेत इस प्रकार हैं—

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1. सूर्य का प्रकोप

– आत्मविश्वास की कमी
– पिता से दूरी
– सरकारी कार्य अटकना

2. चंद्रमा का प्रकोप

– मन विचलित
– नींद कम
– तनाव बढ़ना

3. मंगल का प्रकोप

– गुस्सा
– दुर्घटना का खतरा
– झगड़े

4. बुध का प्रकोप

– गलत फैसले
– संवाद में समस्या
– बिज़नेस नुकसान

कैसे पहचानें कि कौन-सा ग्रह कष्ट दे रहा है?

कुछ मुख्य संकेत इस प्रकार हैं—

1. सूर्य का प्रकोप

– आत्मविश्वास की कमी
– पिता से दूरी
– सरकारी कार्य अटकना

2. चंद्रमा का प्रकोप

– मन विचलित
– नींद कम
– तनाव बढ़ना

3. मंगल का प्रकोप

– गुस्सा
– दुर्घटना का खतरा
– झगड़े

4. बुध का प्रकोप

– एकाग्रता की कमी
– आध्यात्मिक भ्रम
– बिना कारण तनाव

नवग्रह के प्रकोप से बचने के प्रमुख उपाय

1. सुबह सूर्य को जल चढ़ाएँ (सूर्यशांति)

ग्रहों में सूर्य राजा माना गया है।
उपाय :
– तांबे के लोटे में जल + लाल फूल + गुड़ मिलाकर चढ़ाएँ
– “ॐ घृणिः सूर्याय नमः” का 11 बार जप करें

लाभ:
– आत्मविश्वास बढ़ता है
– सरकारी कार्य सफल होते हैं
– मानसिक ऊर्जा बढ़ती है

2. चंद्रमा शांत करने के लिए रात को दूध या चावल दान

उपाय:
– सोमवार को सफेद चीजों (चावल, दूध) का दान करें
– रात को चंद्रमा को जल दें

लाभ:
– मन शांत
– तनाव दूर
– रिश्ते सुधरते हैं

3. गुस्सा, विवाद या दुर्घटनाएँ? मंगल शांति उपाय करें

उपाय:
– मंगलवार को हनुमान चालीसा पढ़ें
– लाल रंग की वस्तुएँ दान करें
– मसूर दाल का दान

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