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आज का पंचांग दिनांक 30 September ,जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल…

आज का पंचांग दिनांक 30 September ,जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल…

आज का पंचाग

दिनांक 30.09.2022
शुभ संवत 2079 शक 1944
सूर्य दक्षिणायन का ..
आश्विन शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि … रात्रि को 10 बजकर 34 मिनट तक… दिन… शुक्रवार…
अनुराधा नक्षत्र … रात्रि को 04 बजकर 19 मिनट से …आज चंद्रमा … वृश्चिक राशि में …
आज का राहुकाल दिन को 10 बजकर 24 मिनट से 11 बजकर 53 मिनट तक होगा

ज्ञान प्राप्ति हेतु करें स्कंदमाता की पूजा –

माता दुर्गा का स्वरूपस्कन्द माता  के रूप मे नवरात्रि के पाँचवे दिन पूजा की जाती है।शैलपुत्री ने ब्रह्मचारिणी बनकर तपस्या करने के बाद भगवान शिव से विवाह किया, तदंतर स्कन्द उनके पुत्र रूप मे उत्पन्न हुए। देवी मां का पांचवां रूप स्कंदमाता के नाम से प्रचलित्त है भगवान् कार्तिकेय का एक नाम स्कन्द भी है जो ज्ञानशक्ति और कर्मशक्ति के एक साथ सूचक है। स्कन्द इन्हीं दोनों के मिश्रण का परिणाम है स्कन्दमाता वो दैवीय शक्ति है जो व्यवहारिक ज्ञान को सामने लाती है, वो जो ज्ञान को कर्म में बदलती हैं। स्कन्द सही व्यवहारिक ज्ञान और क्रिया के एक साथ होने का प्रतीक है स्कन्द तत्व मात्र देवी का एक और रूप है। नवरात्र के पांचवे दिन“स्कन्दमाता” की पूजा होती है। वात्सल्य की प्रतिमूर्ति माँ स्कंदमाता भगवान स्कंद को गोदी मेंलिए हुए हैं और इनका यह रूप साफ जाहिर करता है कि यह ममता की देवी अपने भक्तों कोअपने बच्चे के समान समझती हैं। किसी भी जातक को व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करने एवं उस ज्ञान से जीवन में सफलता प्राप्त करने हेतु माता के स्कंद रूप की पूजा करनी चाहिए।

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