पैतृक-ऋण की पहचान के बाद उपाय करें ?
यहां विगत पृष्टों में नौ प्रकार के पैतृक-ऋण की पहचान बतायी गयी है। अपनी जन्मकुण्डली में देखकर निर्णय करें कि उसमें से पैतृक-ऋण कौन सा है। जब यह ज्ञात हो जाए तो उसी के अनुसार उनका उपाय करना चाहिए।
अब सभी नौ प्रकार के पैतृक ऋणों के प्रभावशाली उपायों के बारे में चर्चा करते हैं। ये सभी उपाय शीघ्र फलदायी हैं। यदि आपकी कुण्डली में पैतृक ऋण है तो इन उपायों को करना अनिवार्य है।
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