घर में पोछा लगाते समय इन वास्तु टिप्स का रखें ध्यान नकारात्मक ऊर्जा होगी दूर घर में बनी रहेगी सुख-शांति?

वास्तुशास्त्र में घर की साफ-सफाई का खास महत्व है। माना जाता है कि गंदगी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है। वहीं, साफ-सफाई से सकारात्मकता बनी रहती है। ऐसे में सफाई के लिए हम नियमित पोछा भी अवश्य लगाते हैं। वास्तुशास्त्र में पोछा लगाने का सही तरीका और कुछ ऐसे टिप्स बताए गए हैं जिनका ध्यान रखने से घर से नेगेटिविटी दूर रहती है और सुख-शांति बनी रहती है। आइए विस्तार से जानें कि वास्तु अनुसार पोछा कैसे लगाना चाहिए।
हम नियमित तौर पर अपने घर की साफ-सफाई का ध्यान रखते हैं। वास्तुशास्त्र में भी घर की साफ-सफाई का खास महत्व होता है। मान्यता है कि घर में गंदगी होने से नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। वहीं, सफाई सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती है। वास्तु की मानें तो पोछा लगाते समय कुछ नियमों और बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। सही तरीके से घर में पोछा लगाने से नेगेटिव एनर्जी मीलों दूर रहती है और घर में सुख-शांति का माहौल बना रहता है। साथ ही, पोछे लगाते वक्त अगर आप एक उपाय कर लें तो इससे घर का वास्तु ठीक बना रहता है।
वास्तु अनुसार घर में ऐसे लगाएं पोछा
वास्तुशास्त्र में घर में पोछा लगाने के कई ऐसे नियम और उपाय बताए गए हैं जिनका ख्याल रखने से बेहद शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, घर में सकारात्मकता बनी रहती है। मान्यता है कि घर में पोछा हमेशा मुख्य द्वार से लगाना शुरू करना चाहिए और फिर, घर के अलग-अलग भागों में पोछा लगाना चाहिए। साथ ही, कमरों में पोछा लगाते समय इस बात का ध्यान रखें कि दक्षिणावर्त दिशा में यानी क्लॉकवाइज पोछा लगाना अच्छा माना जाता है। पोछा मुख्य द्वार के पास से शुरू करके उसी स्थान पर अंत भी करना चाहिए।
वास्तु अनुसार पोछा लगाने का सही समय
कुछ लोग घर में पोछा सुबह उठते ही लगा लेते हैं, कुछ लोग देर से लगाते हैं, तो कुछ लोग दिन में दो बार भी पोछा लगाते हैं। लेकिन वास्तु की मानें तो घर में पोछा लगाने का सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त का होता है। मान्यता है कि इस दौरान पोछा लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में सुबह ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्योदय से पहले सुबह 4 बजे लेकर 5 बजकर 30 मिनट के बीच की अवधि में पोछा लगाना बेहद अच्छा माना गया है।
पोछा लगाते समय करें यह 1 उपाय
घर का वास्तु ठीक बनाए रखने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए आप पोछा लगाते समय एक छोटा सा उपाय कर सकते हैं। वास्तु के अनुसार, पोछे के पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक या नींबू का रस मिलाकर घर में पोछा लगाना अच्छा माना जाता है। इससे घर से नेगेटिविटी दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही, इस उपाय से घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है।

घर में पोछा कब नहीं लगाना चाहिए
किस समय पोछा लगाना होता है शुभ
वास्तु शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त से लेकर सूर्योदय तक का समय पोछा लगाने के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है और किया गया कार्य शीघ्र फल देता है।
शाम के समय सूर्यास्त से पहले पोछा लगाना भी शुभ माना गया है, क्योंकि इससे दिनभर की नकारात्मकता घर से बाहर निकल जाती है। हालांकि, रात में पोछा लगाना वास्तु के अनुसार उचित नहीं माना जाता, क्योंकि यह घर की स्थिर सकारात्मक ऊर्जा को विचलित कर सकता है।
पोछा लगाने के लिए पानी कैसा होना चाहिए
वास्तु शास्त्र में पानी को ऊर्जा का संवाहक माना गया है। इसलिए पोछा लगाने के लिए उपयोग किया जाने वाला पानी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।
यदि संभव हो तो पोछा लगाने के पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की शक्ति रखता है और घर को ऊर्जात्मक रूप से हल्का बनाता है।
कई वास्तु विशेषज्ञ सप्ताह में एक या दो बार गंगाजल की कुछ बूंदें पानी में मिलाने की सलाह भी देते हैं। इससे घर का वातावरण पवित्र और सात्त्विक बना रहता है।
झाड़ू और पोछा रखने की सही जगह
वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू और पोछा ऐसी वस्तुएं हैं जो नकारात्मकता को अपने साथ समेट लेती हैं। इसलिए इन्हें खुली जगह या पूजा स्थान के पास रखना अशुभ माना गया है।
सबसे उचित स्थान दक्षिण या पश्चिम दिशा मानी जाती है, जहां इन्हें ढककर रखा जाना चाहिए। कभी भी झाड़ू या पोछा को मंदिर, रसोई या शयनकक्ष में न रखें, क्योंकि इससे मानसिक अशांति और धन हानि के योग बनते हैं।
किन दिनों में पोछा लगाना माना जाता है विशेष शुभ
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार को किया गया पोछा विशेष फलदायी माना गया है। शुक्रवार को घर की सफाई करने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है।
वहीं अमावस्या और पूर्णिमा के दिन नमक मिले पानी से पोछा लगाने से घर से पितृ दोष और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है।
हालांकि, कुछ मान्यताओं के अनुसार रविवार की शाम को पोछा लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि यह सूर्य ऊर्जा को कमजोर कर सकता है।
इन गलतियों से बचें, वरना बढ़ सकती है नकारात्मकता
कई बार लोग गंदे पानी से पूरे घर में पोछा लगा देते हैं, जो वास्तु के अनुसार अत्यंत अशुभ माना जाता है। जैसे ही पानी गंदा हो जाए, उसे बदल लेना चाहिए।
टूटे हुए पोछे, बदबूदार कपड़े या बहुत पुराने झाड़ू का प्रयोग करना भी वास्तु दोष उत्पन्न करता है। ऐसी वस्तुएं घर में ऊर्जा अवरोध पैदा करती हैं।
विशेष वास्तु उपाय जो घर में सुख-शांति बढ़ाते हैं
यदि घर में बार-बार कलह, धन रुकावट या मानसिक अशांति बनी रहती है, तो सप्ताह में एक बार नमक, कपूर और लौंग मिले पानी से पोछा लगाना अत्यंत प्रभावी उपाय माना जाता है।
इसके अलावा, दीपावली, नवरात्रि या किसी शुभ अवसर से पहले किया गया विशेष पोछा घर को नई ऊर्जा प्रदान करता है और पुराने दोषों को समाप्त करता है।
निष्कर्ष घर में पोछा लगाना केवल एक घरेलू कार्य नहीं,बल्कि एक वास्तु उपाय भी है। यदि सही समय,सही दिशा और सही विधि से पोछा लगाया जाए, तो घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है। वास्तु शास्त्र हमें यह सिखाता है कि छोटे-छोटे कार्य भी यदि सही विधि से किए जाएं,तो वे हमारे जीवन में बड़े सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। इसलिए अगली बार जब आप पोछा लगाएं, तो इन वास्तु नियमों को अवश्य याद रखें।





