भगवान शिव की पूजा करते वक्त बेलपत्र का महत्व बहुत अधिक होता है। भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। शिव से संबंधित कोई भी पूजा बिना बेलपत्र के नहीं होता है। बेलपत्र को शिवजी के ऊपर चढ़ाने से हमारे द्वारा भूल से भी किए गए पापों से मुक्ति मिल जाती है। घर में बेल का पौधा या पेड़ लगाने से बहुत ही शुभ फल की प्राप्ति होती है।
बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है। शास्त्रों के अनुसार अगर हमने शिवजी के ऊपर बेलपत्र चढ़ा दिया तो हमें, हमारे द्वारा भूल से किए गए पापों से मुक्ति मिल जाती है।
बेल के पेड़ का उपयोग कई प्रकार की औषधियां बनाने में किया जाता है। यह हमारे जीवन में सुख समृद्धि भी ला सकता है।
अगर बेल का पेड़ सही दिशा में लगाया गया तो परिवार में कभी कलह नहीं होती। सदैव सुख शांति बनी रहती है। तो चलिए जानते हैं कि बेल का पेड़ घर के किस दिशा में लगाना चाहिए।
बेल का पेड़ घर के किस दिशा में लगाना चाहिए?
बेल का पेड़ हमें उत्तर पश्चिम या उत्तर पूर्व की दिशा में लगाना चाहिए. ऐसा करने से आपको अनेक प्रकार के लाभ देखने को मिलेंगे। घर परिवार में सुख शांति का वास रहेगा।
बेल का पेड़ घर पर लगाने से आपको समस्त तीर्थों के फल प्राप्त होते हैं। चलिए मैं आपको विस्तृत तरीके से बताता हूं कि बेलपत्र के पेड़ को घर पर किस दिशा में लगाना चाहिए और अलग-अलग दिशा में पेड़ लगाने से क्या-क्या लाभ होते हैं।
उत्तर पश्चिम या वायव्य कोण में बेल का पेड़
उत्तर पश्चिम में बेल का पेड़ लगाने से घर परिवार के सदस्यों के मान सम्मान में वृद्धि होती है। उनका यश चारों दिशाओं में फैलता है और वे अपने कार्य के क्षेत्र में काफी प्रगति करते हैं।
इस दिशा में बेल का पेड़ होने से घर के सदस्यों की आयु में वृद्धि होती है और सभी प्रकार के दुखों और कष्टों का नाश होता है।
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