जानें देवी देवताओं में क्यों चढ़ाये जाते गेंदे का फूल ?
अनेक पत्तियों से मिलकर बना केसरिया रंग का गेंदे का फूल साज सजावट के अलावा देवी देवताओं को भी अत्यंत प्रिय है. पूजा-पाठ या शुभ काम में सबसे ज्यादा गेंदे का फूल का उपयोग किया जाता है. गेंदे के फूल का पूजा पाठ में अत्यंत महत्व बताया गया है. साथ ही मान्यता है कि ये फूल देवी-देवता का प्रिय फूल भी है.क्या आपने कभी सोचा है कि पूजा, तीज-त्योहारों पर सबसे अधिक गेंदे के फूल का उपयोग ही क्यों किया जाता है? केसरिया रंग लिए बेहद खूबसूरत दिखने वाला ये फूल हर देवी-देवता को प्रिय है. इसका केसरिया रंग हिंदू धर्म से जुड़ा है.सनातन धर्म में देवी-देवताओं को पूजा के समय पुष्प अर्पित करने का विधान है।
मान्यता के अनुसार यह फूल नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित कर देता है.यही वजह है कि इस फूल का उपयोग तीज त्यौहार पर अधिक किया जाता है. इस फूल को मुख्य दरवाजे पर लटकाने से बुरी शक्तियां दूर रहती हैं.भगवान की पूजा में सबसे अधिक गेंदे के फूल चढ़ाए जाते हैं. इन फूलों को ना सिर्फ भगवान की पूजा में अर्पित किया जाता है बल्कि इनका उपयोग घर की सजावट और अधिकतम शुभ काम में भी किया जाता है. केसरिया रंग त्याग और मोह-माया को भी दर्शाता है।
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