Home Articles उपाय
उपाय

Rudrabhishek:जानें रुद्र अभिषेक पूजा के महत्व और सही विधि ?

Rudrabhishek:जानें रुद्र अभिषेक पूजा के महत्व और सही विधि ?

Rudrabhishek:जानें रुद्र अभिषेक पूजा के महत्व और सही विधि ?

रुद्राभिषेक यूं तो कभी भी किया जाए हमेशा शुभ फलदायी होता है लेकिन महाशिवरात्रि के मौके पर इसका महत्व कई गुणा बढ़ जाता है। शिवपुराण के रुद्रसंहिता में बताया गया है महाशिवरात्रि, सावन सोमवार और शिवरात्रि पर अगर रुद्राभिषेक किया जाए तो यह विशेष फलदायी होता है। रुद्राभिषेक के दौरान शिवलिंग का पवित्र स्नान किया जाता है और यह सनातन धर्म में सबसे प्रभावशाली और चमत्कारी पूजा मानी गई है। रुद्राभिषेक करके भगवान शिव जल्द प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी दुखों को दूर करते हैं। लेकिन इस बार कोरोना काल में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा, ऐसे में आप यह प्रभावशाली पूजा महाशिवरात्रि के मौके पर अपने घर में भी कर सकते हैं और कोरोना से दूर रह सकते हैं।

ऐसे करें रुद्राभिषेक

1-       यदि आप अपने घर में रुद्राभिषेक करना चाहते हैं तो सबसे पहले एक थाली में शिवलिंग स्थापित करें.
2-       एक थाली में फूल अगरबती, घी, दही, कच्चा दूध, जल, मिठाई, गंगाजल, कपूर, सुपारी, बेल पत्र आदि लगाकर रख लें. फिर पूर्व दिशा               में आसन लगाकर बैठें.
3-       शिवलिंग के दायीं ओर घी का दीपक जला कर रख दें.
4-       ॐ नम शिवाय का जाप करते हुए बेलपत्र, दीपक और फूल अर्पित करें.
5-       ॐ नम शिवाय के जप के साथ ही पंच पदार्थों जैसे- कच्चा दूध, दही, शहद, घी और बूरा को शिवलिंग पर चढ़ाएं.
6-       इसके बाद गंगाजल चढाएं, शिवलिंग को साफ कर लें और दाहिनी उंगली से चंदन लगाएं.
7-       शिवलिंग पर वस्त्र, जनेऊ चढाएं, धूप, दीप जलाएं, बेलपत्र दूव घास चढाएं.
8-       रुद्राभिषेक करते समय महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप करें.

ALSO READ  Ganesh Chaturthi 2026 Horoscope: What are Bappa bringing for the 12 zodiac signs?

रुद्र अभिषेक पूजा के  समग्री
शिवलिंग के अभिषेक से पहले इन चीजों को एकबार देख लें कि यह सभी चीजें हैं या नहीं। अभिषेक के लिए गाय का घी, चंदन, पान का पत्ता, धूप, फूल, गंध, बेलपत्र, कपूर, मिठाई, फल, शहद, दही, ताजा दूध, मेवा, गुलाबजल, पंचामृत, गन्ने का रस, नारियल का पानी, चंदन पानी, गंगाजल, पानी, सुपारी और नारियल आदि की सही तरीके से व्यवस्थाय कर लें। अगर आप अन्य सुंगधित पदार्थ शिवलिंग पर अर्पित करना चाहते हैं तो वह भी लेकर पूजा से पहले ही रख लें। इसके साथ ही श्रृंगी (गाय के सींग से बना अभिषेक का पात्र) श्रृंगी पीतल या फिर अन्य धातु की भी बाजार में उपलब्ध होता है। रुद्राष्टाध्यायी के एकादशिनि रुद्री के ग्यारह आवृति पाठ किया जाता है। इसे ही लघु रुद्र कहा जाता है। शिवलिंग से बहने वाले पानी को इकट्ठा करने की व्यवस्था करें और फिर वेदी पर रखें।

आप इस लेख का आधा भाग पढ़ चुके हैं

आगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें। खाता बनाना पूरी तरह निःशुल्क है – Google या मोबाइल OTP से, एक मिनट में।

लॉगिन करें और आगे पढ़ें नया यूज़र? निःशुल्क खाता बनाएँ

क्या आपके जीवन में कोई प्रश्न है?

अनुभवी ज्योतिषियों से कुंडली, विवाह, करियर और वास्तु पर व्यक्तिगत परामर्श लें।

अभी परामर्श लें