आज हर एक युवा यही चाहता है कि वह सरकारी नौकरी पाने में सफल हो जाए लेकिन कई कारणों से यह संभव नहीं हो पाता है, आज के ज़माने में बहुत सी हमारी युवा पीढ़ी बेरोज़गार है, रोजगार पाने के लिए वे कड़ी मेहनत भी करते हैं| लेकिन बहुत कॉम्पिटिशन होने के कारण उन्हें कामयाबी नहीं मिल पाती है| आर्थिक मारामारी के दौर में अभिभावक लाखों रूपया खर्च कर प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं। सभी अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे प्रतियोगी परीक्षा में अच्छे अंक पाकर सरकारी क्षेत्र में किसी ऊँचे पद पर बैठे। मेहनत समान रूप से भी करते हैं लेकिन कुछ ही युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो पाते हैं। यद्यपि आजीविका का अर्जन सभी अपने-अपने ढंग से करते हैं लेकिन सरकारी नौकरी अर्जित करने का सौभाग्य कम ही युवाओं को मिल पाता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने भविष्यकाल के बारे में जानना चाहता है कि उसका भावी जीवनकाल कैसा रहेगा? खासतौर पर युवा बेरोजगार यह जानने के लिए उत्सुक रहता है कि उसकी आजीविका का कार्यक्षेत्र कौन सा होगा ? इस आधार पर मनुष्य द्वारा अर्जित फल कर्म एवं काल पर निर्भर है। कर्म से मानव अपने प्रारब्ध को संशोधित कर सकता है। निश्चित समय पर किए गए कर्म शुभ फल प्रदान करने वाले तथा असमय किए गए कार्य अशुभ फलदायी सिद्ध होते हैं। कर्म से ही व्यक्ति की पहचान होती है तथा समय पर कर्म करने पर सफलता प्राप्त होती है। ज्योतिष काल निर्धारक शास्त्र है। यह व्यक्ति के कर्मफल की सूचना प्रदान करता है। जन्म कुण्डली के ग्रह योग एवं ग्रह स्थितियों के आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है कि जातक किस क्षेत्र में कर्म करेगा? उसकी आजीविका किस स्रोत के माध्यम से प्राप्त होगी।
हमारे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ ग्रह योग ऐसे होते हैं जो सरकारी नौकरी प्राप्ति में बाधा उत्पन्न करते हैं, इन ग्रह योगो को सही करने के लिए विशेष उपाय किये जाते हैं, जिसके कारण यह ग्रह योग अपना अच्छा फल देने लगते हैं संसार में हर व्यक्ति की ख्वाहिश होती है कि वह सरकारी नौकरी को प्राप्त कर राजयोग का आंनद ले। परन्तु कई बार कुंडली के प्रतिकूल ग्रहों की स्थिति के कारण सफलता प्राप्त करते-करते रह जाता है और कई बार प्रारब्ध के चलते वह सरकारी नौकरी को चाहकर भी हासिल नहीं कर पाता है, ऐसी स्थिति में ज्योतिष के सटीक उपायों को कर के व्यक्ति सरकारी नौकरी प्राप्त कर सकता है, आजीविका, राजकीय पद, राजकीय सम्मान, राज्य कृपा प्राप्ति का विचार करने के लिए जन्मकुण्डली के दशम भाव का अध्ययन किया जाता है। सरकारी नौकरी के विषय में जानने के लिए इसी भाव का आकलन किया जाता है। दशम स्थान में अगर सूर्य, मंगल या बृहस्पति की दृष्टि होती है तो सरकारी नौकरी का प्रबल योग बन जाता है। परन्तु यदि कुंडली में सरकारी नौकरी के योग कम बन रहे हों तो कुछ अचूक उपाय करके व्यक्ति सरकारी नौकरी प्राप्त कर सकता है, आइए जानते हैं कि वह कौन-से ग्रह योग होते हैं जो सरकारी नौकरी प्राप्ति में मदद करते हैं।
सरकारी नौकरी के योग –
- सूर्य यदि दशम भाव में स्थित हो तो व्यक्ति को सरकारी कार्यो से अवश्य लाभ मिलता है। दशम स्थान कार्य का स्थान हैं। इस स्थान पर सूर्य का स्थित होना व्यक्ति को सरकारी क्षेत्रो में अवश्य लेकर जाता है। सूर्य दशम स्थान का कारक होता है जिस कारण इस भाव के फल मिलने के प्रबल संकेत मिलते है।
- कुंडली में दसवें भाव के बलवान होने से तथा इस भाव पर एक या एक से अधिक शुभ ग्रहों का प्रभाव होने से जातक को अपने करियर क्षेत्र में बड़ी सफलताएं मिलती हैं तथा इस भाव पर एक या एक से अधिक बुरे ग्रहों का प्रभाव होने से कार्यक्षेत्र में अधिक सफलता नहीं मिल पाती है,
- ज्योतिष शास्त्र में सूर्य तथा चंद्र को राजा या प्रशासन से सम्बंध रखने वाले ग्रह के रूप में जाना जाता है। सूर्य या चंद्र का लग्न, धन, चतुर्थ तथा कर्म से सम्बंध या इनके मालिक के साथ सम्बंध सरकारी नौकरी की स्थिति को दर्शाता है।
- लग्न पर बैठे किसी ग्रह का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में सबसे अधिक प्रभाव रखने वाला माना जाता है। लग्न पर यदि सूर्य या चंद्र स्थित हो तो व्यक्ति शासन से जुडता है और अत्यधिक नाम कमाने वाला होता है।
- केंद्र में अगर चन्द्रमा, बृहस्पति एक साथ होते हैं तो उस स्थिति में भी सरकारी नौकरी के लिए अच्छे योग बनते हैं। साथ ही साथ इसी तरह चन्द्रमा और मंगल भी अगर केन्द्रस्थ हैं तो सरकारी नौकरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
- चंद्र का दशम भाव पर दृष्टि या दशमेश के साथ युति सम्बन्ध सरकारी क्षेत्र में सफलता को दर्शाता है। यद्यपि चंद्र चंचल तथा अस्थिर ग्रह है जिस कारण जातक को नौकरी मिलने में थोडी परेशानी आती है। ऐसे जातक नौकरी मिलने के बाद स्थान परिवर्तन या बदलाव के दौर से बार-बार गुजरते है।
- सूर्य धन स्थान पर स्थित हो तथा दशमेश को देखे तो व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र में नौकरी मिलने के योग बनते है। ऐसे जातक खुफिया ऐजेंसी या गुप चुप तरीके से कार्य करने वाले होते है।
- सूर्य तथा चंद्र की स्थिति दशमांश कुंडली के लग्न या दशम स्थान पर होने से व्यक्ति राज कार्यो में व्यस्त रहता है ऐसे जातको को बड़ी उपाधि प्राप्त होता है।
- यदि ग्रह अत्यधिक बली हो तब भी वें अपने क्षेत्र से सम्बन्धित सरकारी नौकरी दे सकते है। मंगल सैनिक, या उच्च अधिकारी, बुध बैंक या इंश्योरेंस, गुरु, शिक्षा सम्बंधी, शुक्र, फाइनेंश सम्बंधी तो शनि अनेक विभागो में जोडने वाला प्रभाव रखता है।
- सूर्य चंद्र का चतुर्थ भाव में बैठना जातक को सरकारी क्षेत्र में नौकरी प्रदान करता है। इस स्थान पर बैठे ग्रह सप्तम दृष्टि से कर्म स्थान को देखते है।
- यदि जातक का लग्न मेष, मिथुन, सिंह, वृश्चिक, वृष या तुला है तो ऐसे में शनि और गुरु ग्रह का एक-दूसरे से केंद्र या त्रिकोण में होना, सरकारी नौकरी के लिए अच्छा योग माना जाता है|
- अगर सूर्य, मंगल या बृहस्पति पर किसी पाप ग्रह (अशुभ ग्रह) की दृष्टि होती है तब जातक को सरकारी नौकरी पाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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