मंगल दोष दूर करने के उपाय
हिंदू धर्म में शादी-विवाह से पहले वर और वधु की कुंडली मिलाई जाती है. कुंडली मिलाते वक्त सबसे ज्यादा ध्यान मंगल पर दिया जाता है. मान्यता है कि जो भी मांगलिक होते हैं उनका विवाह किसी मांगलिक से ही हो सकता है. आइए जाने क्या हैं मंगल दोष और इसको दूर करने के उपाय कुंडली में वैसे तो कई दोष होते हैं, लेकिन मंगल दोष का नाम सुनते ही अक्सर लोग चिंतित हो जाते हैं. खास तौर पर जब किसी अविवाहित लड़की या लड़के के कुंडली में मांगलिक दोष होता है तो चिंताएं ज्यादा बढ़ जाती हैं. ज्योतिष अनुसार जिन जातको की कुंडली में मांगलिक दोष होता है उनके विवाह में या तो विलंब होता है या अनचाही अड़चने आ जाती हैं. माना जाता है मांगलिक लड़के या लड़की की शादि किसी मांगलिक से ही हो सकती है. किसी दूसरे से शादी करने से दोनों में से एक के जीवन पर संकट पड़ सकता है. किसी की कुंडली में कैसे बनता है मंगल दोष और क्या हैं।
कुंडली में कैसे होता है मंगल दोष
जिन भी लोगों की कुंडली के चौथे, सातवें, आठवें और बारहवें भाव में मंगल मौजूद होता है उनकी कुंडली में मंगल दोष होता है. इन लोगों को मांगलिक कहते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दोष का सबसे ज्यादा बुरा प्रभाव उन लगों पर पड़ता है जिनका विवाह होने वाला हो या फिर कहें वैवाहिक जीवन में पड़ता है. यदि कोई मांगलिक लड़का या लड़की दूसरे मांगलिक से शादी नहीं करता तो विवाह के बाद दोनों के तालमेल में काफी समस्याएं आती हैं. मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति अक्सर अकेले रहना पसंद करता है।
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