कहते हैं रिश्तों को सुधराने की उन्हें बेहतर बनाने की गुंजाइश हमेशा रहती है। कहने का मतलब ये है कि इसके लिए किसी शुभ समय को देखने की आवश्यकता नहीं होती। पंरतु अगर किसी मैरिड कपल में फरवरी माह के दौरान झगड़े हो रहे हों तो इनको सुलझाने के लिए 7 फरवरी से लेकर 14 फरवरी तक का जो समय होता है इन लड़ाई को बड़ी आसानी प्यार में बदल देता है। अब आपको ये बताने की ज़रूरत नही होगी कि इस दौरान क्या होता है। जी हां, हम वैलेंटाइन वीक की ही बात कर रहे हैं। प्यार के इज़हार का ये सप्ताह हर किसी को इसमें डूबने को मज़बूर कर देता है। तो अगर आप भी प्यार की इन फिज़ाओं में खोना चाहते हैं और अपने पार्टनर के साथ हुए अपने हर गिले-शिकवे को भूला देना चाहते हैं तो हमारे द्वारा आगे बताए जाने वाले वास्तु टिप्स को ज़रूर अपनाएं।

इससे न केवल आपके लड़ाई-झगड़े खत्म होंगे बल्कि आपके जीवन में प्यार की ऐसा बहार छाएगी जिससे आप बाहर नहीं आना चाहेंगे। बता दें ये वास्तु टिप्स आपके बेडरूम से जुड़े हुए हैं, जहां आप शायद एक-दूसरे के साथ सबसे ज्यादा वक्त बिताना पसंद करते होंगे। और यही वो जगह है जो दंपत्ति के जीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। जिसका मतलब ये हुआ कि अगर ये सही जगह होगा तो जीवन में खुशियां आती हैं तो वहीं अगर वास्तु के हिसाब से इसकी दिशा-दशा सही न हो तो इसका शादीशुदा जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ता है। आइए जानें शयन कक्ष बेडरूम किस दिशा में होना चाहिए और वहां कौन सी चीज़ें नहीं रखनी चाहिए।
वास्तु के अनुसार मुख्य शयन कक्ष, जिसे मास्टर बेडरूम भी कहा जाता है वो हमेशा घर के दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) की ओर होना चाहिए। जिस किसी के घर में मकान की ऊपरी मंजिल है तो मास्टर बेडरूम ऊपरी मंजिल के दक्षिण-पश्चिम कोने में होना चाहिए।
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