Numerology का ज्योतिष शास्त्र में विशेष स्थान है। क्योंकि इसके आधार पर आप काफी कुछ जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। बहुत से लोग लकी नंबर पर विश्वास करते हैं। कुछ लोग ऐसे ही किसी भी नंबर को अपनी किस्मत का शुभ नंबर मान लेते हैं तो कई लोग अपनी डेट ऑफ बर्थ से अपना लकी नंबर निकालते हैं। Numerology के माध्यम से न केवल अपने स्वभाव की विशेषताओं को जान सकते हैं बल्कि भविष्य का भी अंदाजा लगाया जा सकता है। लेकिन यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि असल में कैसे निकाला जाता है शुभ अंक, क्या है इसकी प्रक्रिया,
ऐसे निकाले अपना लकी नंबर –
जिस दिनांक में आपका जन्म हुआ है उस तारीख को सन सहित आपस में जोड़ लीजिए। वही आपका शुभांक होगा। जैसे 18 जुलाई 1991 को आपस में जोड़ने पर यह परिणाम आएगा।
18-07-1991
1+8+7+1+9+9+1 = 36
3+6 = 9
18-07-1991 में जन्मे लोगों का लकी नंबर 9 होगा।
अंक 1-
जिन लोगों का शुभांक 1 होता है ऐसे जातकों के कंधे चौड़े, सिर चौकोर व पंजे मजबूत होते हैं। इनका आकार चतुष्कोण होता है। इनमें चुस्ती स्फूर्ति और बल अधिक होता है। इनकी नजर बहुत तेज होती है तथा आंखों ही आंखों में वे बहुत कुछ कह जाते हैं। वे आंखों के प्रभाव से अधिक काम लेते हैं। अग्नि तत्व का होने के कारण वे अधिक क्रोधी होते हैं और यह हर किसी को अपने प्रभाव में रखना चाहते हैं। उत्तेजक स्वभाव व दबंग होने के कारण वे परिस्थिति को अपने अनुकूल बना लेते हैं। ये स्वभाव से भ्रमणशील होते हैं और घूमने फिरने के अधिक शौकिन होते हैं। अंक 5 व 9 वालों से इनकी अधिक बनती है।
शुभ रंग- पीला, शुभ तिथि- 10 व 28।
अंक 2-
इस शुभ अंक के जातक दूसरों को अपनी तरफ आसानी से आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। इनमें सेवा भाव अधिक होता है। इन्हें दूसरों की मदद करना अच्छा लगता है। इन्हें स्वादिष्ट भोजन अधिक पसंद होता है। वे अच्छा भोजन बनाते भी हैं। वे भावुक, चंचल व रसिक प्रवृत्ति के एवं गौर वर्ण होते हैं। चेहरा चंद्रमा के समान गोल व बदन सामान्य होता है। वे कला, सिंगार व सौंदर्य से लगाव रखते हैं। छोटी-सी बात भी इन्हें चुभ जाती है और वे बुरा मान जाते हैं। वे अत्यधिक सहनशील होते हैं। घोर कष्ट या पीड़ा के समय भी उफ तक नहीं करते। इनके जीवन का आरंभ संघर्षमय होता है, लेकिन समय के साथ-साथ सुख समृद्धि इन्हें मिलती जाती है। और जवानी में ये सभी सुख पा लेते हैं। अंक 4 या ७ वालों से इनकी अच्छी बनती है।
शुभ रंग- समुद्री हरा, शुभ तिथि- 20 व 30 है।
अंक 3-
इस शुभ अंक वाले जातक उत्साही व संघर्षशील होते हैं। इनके अंदर कुछ नया करने की चाह होती है। ये अच्छे डील-डौल, सुंदर नेत्र, चौड़े सीने वाले व बेहद आकर्षक होते हैं। ये शानदार तरीके से चलते हैं। अपनी कहने के बजाय चुप रहकर दूसरों की बात सुनते हैं। अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सदैव क्रियाशील रहते हैं। खुद कठोर परिश्रम करते हैं और दूसरों से भी ऐसा ही चाहते हैं। समय के पाबंद होते हैं। तड़क-भड़क, साज-सज्जा, दिखावा, ढोंग इन्हें अच्छा नहीं लगता। इस राशि की स्त्रियां भी श्रृंगार के प्रति अधिक अनुराग नहीं रखतीं। अंक 6 व 7 वालों से इनकी अधिक बनती है।
शुभ रंग- जामुनी, शुभ तिथि- 9 व 27 है।
अंक 4-
इस अंक के जातक क्रांतिकारी विचारों के होते हैं। इनमें कुछ नया व अलग करने की इच्छा होती है। अपनी प्रभावशाली वाणी से वे दूसरों को अपने वशीभूत करने की क्षमता रखते हैं। इनके शौक व रुचियां भी अन्य लोगों से हटकर होती हैं। ये कृशकाय, लेकिन आकर्षक व्यक्तित्व के होते हैं। दार्शनिक प्रवृत्ति के होते हैं और हमेशा ख्यालों में डूबे रहते हैं। स्वभाव से शक्की व वहमी होते हैं। हर किसी पर शक करते हैं। धर्म, कर्म, भूत-प्रेत व गुप्त विद्याओं में इनकी काफी रुचि होती है। ये मित्र को भी शत्रु बना लेते हैं। धर्म, कर्म में खास रूचि रखते हैं। ये लोग क्लर्क, लेखक, मैकेनिक, वैज्ञानिक, दार्शनिक, अध्यापक, रेलवे, तकनीकी कार्यों आदि में सफल रहते हैं। अंक 8 वालों की ओर वे जल्दी आकर्षित होते हैं, लेकिन अंक 2 व 7 वालों से इनकी दोस्ती जल्दी होती है।
आप इस लेख का आधा भाग पढ़ चुके हैं
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें। खाता बनाना पूरी तरह निःशुल्क है – Google या मोबाइल OTP से, एक मिनट में।
लॉगिन करें और आगे पढ़ें नया यूज़र? निःशुल्क खाता बनाएँआगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें
इस लेख का 50% भाग आपने निःशुल्क पढ़ लिया। बाकी लेख, और Future For You के सभी ज्योतिष, वास्तु व राशिफल लेख पढ़ने के लिए बस एक बार लॉगिन करें।
- पूरी तरह निःशुल्क – कोई शुल्क नहीं
- Google से एक क्लिक, या मोबाइल OTP
- लॉगिन के बाद सीधे इसी लेख पर वापस