Numerology

क्या नाम में थोड़ा-सा फेरबदल करने मात्र से ही भाग्‍य में बहुत बदलाव आ सकता है?? जानें यहाँ

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अंक ज्‍योतिष के अनुसार नाम में थोड़ा-सा फेरबदल करने मात्र से ही उस व्‍यक्‍ति के भाग्‍य में बहुत बदलाव आ सकता है। अगर आपको लगता है कि आपको अपने भाग्‍य का साथ नहीं मिल पा रहा है या फिर आप जो भी काम करते हैं उसमें आपको असफलता मिलती है तो फिर आप अंक ज्‍योतिष की मदद से अपने नाम में फेरबदल करके अपने भाग्‍य को आज़मा सकते हैं।

फिल्‍मी सितारों के नाम

जी हां, फिल्‍मी सितारे तक अंक ज्‍योतिष की इस चाल पर भरोसा करते हैं और ना जाने कितने ही स्‍टार्स और एक्‍टर्स अपने नाम में फेरबदल करके भाग्‍य का साथ पाकर लोकप्रिय हो चुके हैं। देखा जाता है कि फिल्‍मी सितारों को अपने नाम में फेरबदल करने के बाद करियर में सफलता मिल जाती है। तो क्‍या वाकई में नाम के अक्षर में फेरबदल कर भाग्‍य का साथ पाया जा सकता है ?

अंक ज्‍योतिरष में है जवाब

भारत की प्राचीन विद्या अंक ज्‍योतिष के पास आपके इस सवाल का जवाब मिलता है। इसके अनुसार अगर आप अपने नाम में मामूली सा परिवर्तन कर लें तो आपकी किस्‍मत निश्‍चित ही बदल सकती है। वहीं अगर किसी शिशु का नाम अंक ज्‍योतिष के आधार पर रखा जाए तो उसके भाग्‍य का सितारा किस्‍मत की बुलंदियों तक पहुंच सकता है।

नाम से पता चलता है व्‍यवहार

हमारा नाम ही हमारी पहचान होता है। इसके बिना परिवार से बाहर आपकी कोई पहचान नहीं है। आप चाहे जितने भी लोगों से मिल लें आपको यह अहसास हो जाएगा कि उनका नाम उन पर बहुत सूट करता है क्‍योंकि हमारा नाम हमारे व्‍यक्‍तित्‍व का आईना होता है और हमारा भविष्‍य इससे बहुत प्रभावित होता है।

नहीं मिल रहा भाग्‍य का साथ

कई बार हमें लगना लगता है कि हमें अपने भाग्‍य का साथ नहीं मिल पा रहा है और बात बनते-बनते बिगड़ जाती है या बहुत प्रयास करने पर भी सफलता हासिल नहीं हो पाती है। कई बार इसका दोषी नाम को ठहराया जाता है और वह इंसान अपना पूरा नाम ही बदलना चाहता है लेकिन अंक ज्‍योतिष के अनुसार पूरे नाम को बदलने की बजाय उसमें मामूली फेरबदल करके भी भाग्‍योदय के मार्ग प्रशस्‍त किए जा सकते हैं।

जन्‍मकुंडली के आधार पर नाम

आमतौर पर हिंदू धर्म में शिश के जन्‍म के समय मौजूदा नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति के आधार पर बनाई गई कुंडली के अनुसार ही नामकरण किया जाता है। लेकिन कुछ लोग इसके विपरीत सोचते हैं। उनका मानना है कि कभी भी राशि के अनुसार नाम नहीं होना चाहिए क्‍योंकि हमारा बुरा चाहने वाले लोग हमारी राशि को जानकर ग्रह-नक्षत्रों की गति का अनुमान लगाकर हमारे ऊपर जादू-टोना कर सकते हैं। लेकिन आपको बता दें कि ऐसा सोचना बिलकुल गलत है।

अगर हम जन्‍मकुंडली के शुभ प्रभाव को अपने तक पहुंचाना चाहते हैं तो हमें अपनी राशि के अनुसार ही नाम रखना चाहिए। अंक शास्‍त्र को पूरी तरह से वैज्ञानिक शास्‍त्र माना गया है जिसे जन्‍म दिनांक के पीछे कार्य करने वाला वाइब्रेशन आधार देता है। इसमें मूलांक और भाग्‍यांक का विशेष महत्‍व होता है। अगर नाम का इन दोनों अंकों के साथ संबंध होता है तो उस व्‍यक्‍ति को अपने नाम से शुभ फल प्राप्‍त होते हैं वरना नाम पूरी तरह फल विहीन हो जाता है।

कैसे चुनें नाम

नाम का चयन करते समय नामांक तक पहुंचते हुए आपको इस बात का ख्‍याल रखना चाहिए कि आपका नामांक, आपके मूलांक और भाग्‍यांक का मित्रांक हो वरना आपको अपने नाम से लाभ नहीं मिल पाता है।

ज्‍योतिष शास्‍त्र की मानें तो जातक के नाम का पहला अक्षर ही महत्‍वपूर्ण होता है लेकिन अंकशास्‍त्र में पूरे नाम की वर्तनी ही भाग्‍य को प्रभावित करती है।

कैसे बदलें नाम

अगर आप अपने मौजूदा नाम से संतुष्‍ट नहीं हैं या आपको लगता है कि आपका नाम आपकी सफलता में रोड़ा बन रहा है या आपको भाग्‍य का साथ ना मिल पाने की यही वजह है तो आप अपने नाम को पूरा बदलने की बजाय उसमें मामूली सा परिवर्तन लाकर अपने भाग्‍य का साथ पा सकते हैं। यह काम लोशू ग्रिड के अध्‍ययन के बिना संभव नहीं है। लोशू ग्रिड के अनुसार आपकी जन्‍म की तारीख में जो भी अंक विलुपत हैं उसका प्रयोग आपके नाम की स्‍पैलिंग में किया जाना चाहिए। अगर अंक विलुप्‍त है तो वही अंक आपका भाग्‍यांक है और आपको उसी से अपना नामांक बनाना चाहिए।

इस विश्‍लेषण के आधार पर कहा जा सकता है कि सबसे पहले नाम पहले अक्षर यानि राशि के आधार पर ही चुना जाना चाहिए। इसके बाद नामांक और पूर्ण नामांक को अपने मूलांक और भाग्‍यांक के आधार पर सुनिश्चित करें लेकिन ये नामांक और पूर्ण नामांक कुछ इस तरह से चुनें कि लोशू ग्रिड के रिक्‍त स्‍थान भर सकें। इससे आपके व्‍यक्‍तित्‍व में जो भी कमी होगी वो पूरी हो जाएगी।

अंक शास्‍त्र की सहायता से आपकी हर समस्‍या का निदान किया जा सकता है। अगर आपको अपने नाम में थोड़ा फेरबदल करना है तो वो भी आप इसकी मदद से कर सकते हैं।