उत्तर- सीढ़ियों के लिए भवन के मूल पश्चिम, मूल दक्षिण या नैरित्य का क्षेत्र सर्वाधिक उपयुक्त होता है। र्नैत्य कोण में बनी सीढ़ियां अति शुभ होती हैं क्योंकि भवन का नैरित्य क्षेत्र उठा हुआ और इस पर भारी वजन का होना शुभ माना जाता है। दूसरे विकल्प में सीढ़ियां दक्षिण, पश्चिम या पश्चिमी वायव्य की तरफ यथासंभव पूर्वी या उत्तरी दीवार से हटकर बनानी चाहिए।
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