Know Today • Plan Tomorrow • Live Better
Home Articles Astrology
Astrology

मंगल दोष के दूर करने के उपाय

मंगल दोष के दूर करने के उपाय

मंगल दोष के दूर करने के उपाय

मंगल स्तोत्र का जाप मंगल दोष परिहार में इस जाप का विशेष महत्व है। यदि कोई अन्य उपाय कर रहे हैं तो साथ में इस स्तोत्र का जाप जरूर करें। मंगलवार को इस स्तोत्र का पाठ विषम संख्या में 5-11-21 बार अवश्य करें। यह जाप शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को शुरू किया जा सकता है। विष्णु प्रतिमा विवाह यह उन कन्याओं के लिये है जिनकी कुंडली में यह दोष है। यदि किसी कन्या की कुंडली में यह दोष है तो उसे वैधव्य भोगना पड़ता है। इसलिये पीपल विवाह, कुंभ विवाह तथा विष्णु प्रतिमा विवाह की विशेष मान्यता है। भगवान विष्णु जीवन-मृत्यु के बंधन से दूर हैं इसलिये जिस कन्या की कुंडली में यह दोष होता है इस उपाय से वैधव्य योग समाप्त हो जाता है। इस विवाह को पूरी तरह गोपनीय रखना चाहिये अन्यथा फल प्राप्त नहीं होगा। यह केवल कन्या ही करे पिता की कोई भूमिका नहीं होती। विष्णु प्रतिमा विवाह में कन्यादान की जरूरत नहीं होती।

विवाह के समय परिवार की महिलायें उपस्थित रहें। यह विवाह पूरी तरह गोपनीय रखना चाहिये। जिस आचार्य से विवाह करवाना हो उसे इसके बारे में बता दें। मंगल रत्न इसका मुख्य रत्न मूंगा है। इसे 8 से 15 रत्ती का सोने या तांबे में जड़वायें और शुक्लपक्ष के प्रथम मंगलवार हनुमान जी के मंदिर में जाकर ।। ओम अं अंगारकाय नमः।। मंत्र का 11 बार जाप करके अंगूठी पर घुमाकर अनामिका में धारण करें। 9 दिन के बाद इसका प्रभाव शुरू हो जाता है। ध्यान रहे यदि पत्नी की कुंडली में मंगल दोष है तो पति को यह रत्न धारण करना चाहिये और यदि पति की कुंडली में यह दोष हो तो पत्नी को धारण करना चाहिए।

ALSO READ  Ganesh Chaturthi 2026 Horoscope: What are Bappa bringing for the 12 zodiac signs?

मंगल व्रत मंगल दोष को समाप्त करने के लिये मंगलव्रत का भी विशेष महत्व है। यह व्रत शुक्लपक्ष के प्रथम मंगलवार से आरंभ करें। हल्का आहार जैसे फल, मावे की मिठाई, चूरमा आदि लिया जा सकता है। । ओम क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः की एक माला का जाप करें। मंत्र जाप के समय लाल रूमाल अवश्य रखें।

मंगलवार और बुधवार को ब्रह्मचर्य का पालन जरूर करें। इसके साथ यह धन, भवन, सुख-समृद्धि तथा मनचाही संतान भी देने वाला है। मंगल चण्डिका स्तोत्र मंगलदोष समाप्त करने के लिये मंगल चंडिका स्तोत्र का पाठ बहुत लाभदायक है। पंचमुखी दीपक जलाकर पाठ करें। यह 108 मंगलवार करें। 7 या 21 की संख्या हो। जितनी संख्या शुरू करें उतनी ही पूरी रखें, संख्या कम या अधिक नहीं होनी चाहिये। अंगारक स्तोत्र इस स्तोत्र का पाठ करने से दूषित प्रभाव समाप्त हो जाता है।

इस स्तोत्र का पाठ रोज या हर मंगलवार करें। मंगल के 108 नाम मंगल दोष को समाप्त करने के लिये मंगल के 108 नामों का उच्चारण बहुत लाभदायक होता है। प्रतिदिन 108 नामों का पाठ करने से मंगल दोष का परिहार हो जाता है। इससे दांपत्य जीवन सुखी हो जाता है। मंगल दोष मुक्ति के लिए लग्नानुसार उपाय मंगल दोष से मुक्त होने के लिए शुक्ल पक्ष के प्रथम मंगलवार को करें। जो उपाय शनिवार को करने हैं वह शनिवार से शुरू करें।

1. प्रत्येक शनिवार को हनुमानजी की तस्वीर के आगे चमेली के तेल का दीपक जलायें और सुंदर कांड का पाठ करें।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now